सेना पुलगांव स्थित केन्द्रीय आयुध डिपो में लगी आग के दौरान मारे गए लोगों का डीएनए टेस्ट कराएगी। ऐसा बुरी तरह से जल चुके अथवा क्षतिग्रस्त शवों की पहचान के लिए किया जाएगा। सेना मुख्यालय सूत्रों के अनुसार शिनाख्त की प्रक्रिया चल रही है और इसके लिए डीएनए टेस्ट पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
मंगलवार की रात में डिपो में सेना को सर्च आपरेशन के दौरान में दो और लोगों के शव बुरी तरह से जली अवस्था में मिले। इस तरह से मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। इसमें सेना के दो अधिकारी (एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर), चार जवान और 13 दमकल कर्मी शामिल हैं।
सैन्य सूत्रों का कहना है कि आग और बमों के विस्फोट की विभीषिका में आए लोगों की पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि अभी सेना की तरफ से मारे गए लोगों के बारे में कोई भी अधिकारिक जानकारी देने से परहेज किया जा रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार शवों की पहचान होने तक उनके बारे में सावधानी बरती जा रही है। सैन्य सूत्रों के अनुसार डिपो में आग लगने के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। इसके लिए कोर्ट आफ इंक्वायरी का गठन कर दिया है और विशेष जांच दल सभी पहलुओं पर गौर कर रहा है।
इसके अलावा सेना मुख्यालय का मुख्य ध्यान डिपो में हुई दुर्घटना के शिकार लोगों के बेहतर इलाज तथा डिपो में ‘ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल’ पर है। दूसरी ओर अस्पताल में दाखिल 17 लोगों की हालत स्थिर है।
वहीं, सेना के चार अफसरों में से एक की हालत गंभीर है। इन अफसरों को आईसीयू में भर्ती किया गया है। चूंकि इस पूरे घटनाक्रम पर रक्षामंत्री मनोहर परिकर खुद नजर रखे हुए हैं इसलिए आयुध डिपो के डीएफओ सीधे उन्हें रिपोर्ट कर रहे हैं।