पंजाब और नगालैंड सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति-जनजाति को दिए जाने वाले आरक्षण की अवधि दस वर्ष के लिए बढ़ाने का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को पास कर दिया। दोनों राज्यों की विधानसभाओं में सर्वसम्मति से संविधान संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया।
संविधान (126वां संशोधन) विधेयक 2019 को पुष्टि के लिए पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रस्तुत किया जिसके बाद विधेयक को बिना किसी चर्चा के सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
पंजाब के अलावा नगालैंड की विधानसभा में भी एक दिवसीय विशेष सत्र बुला कर विधेयक को पारित किया गया। लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद विधेयक को कानून के तौर पर लागू होने के लिए पचास प्रतिशत विधानसभाओं से उसकी पुष्टि होना आवश्यक है।
सत्र को संबोधित करते हुए नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने कहा कि नगालैंड को विधेयक पारित होने से सीधा लाभ मिल सकेगा क्योंकि विधानसभा में 60 में से 59 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। विपक्षी दल नगा पीपल्स फ्रंट के विधायकों की मौजूदगी में प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।