पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी समेत कई मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार राज्य के समाज कल्याण मंत्री एम कंदासामी ने विधानसभा में तीन दिन के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी रखते हुए केंद्र से उपराज्यपाल किरण बेदी को हटाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर मंत्री ने पोंगल नहीं मनाने तक धमकी दे दी है।
मुख्यमंत्री नारायणसामी ने बेदी पर कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में अड़चन डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रही हैं। प्रशासन के रोजमर्रा के कामों में भी हस्तक्षेप कर रही हैं।
बेदी यू गो, बेदी यू गो का पोस्टर लेकर धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक किरण बेदी पुड्डुचेरी छोड़कर नहीं चली जाती हैं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। गौरतलब है कि ऐसा दूसरी बार है, जब बेदी के खिलाफ आंदोलन में मुख्यमंत्री, उनके सहयोगी दलों के नेता हिस्सा ले रहे हैं।
सीएम का आरोप- निषेधाज्ञा लागू करने के लिए उपराज्यपाल जिम्मेदार
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे या राजस्व मंत्री से चर्चा किए गए बिना ही जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी। जिला प्रशासन ने सत्तारूढ़ कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों के प्रदर्शन से पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर दी थी जोकि उपराज्यपाल किरण बेदी पर सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रमों के अनुपालन में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं।
नारायणसामी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि निषेधाज्ञा लागू करने के लिए उपराज्यपाल जिम्मेदार हैं, जिसके चलते आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बेदी के इस कदम के चलते लोगों के बीच गैर-जरूरी घबराहट पैदा हुई है।'
उन्होंने निषेधाज्ञा बुधवार तक वापस लेने की मांग की। पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी के करीब पांच साल पहले उपराज्यपाल का पदभार संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री नारायणसामी के साथ विभिन्न मुद्दों को लेकर टकराव चल रहा है।