इस साल दिसंबर की शुरुआत में भी नारायणसामी ने कहा था कि वह निर्वाचित सरकार के फैसलों को लागू करने में लगातार कथित तौर पर बाधा डालने के लिए केंद्र शासित प्रदेश की उपराज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया था कि बेदी इस साल 30 अप्रैल को मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद कई कल्याणकारी योजनाओं को रोक रही हैं। उच्च न्यायालय ने कहा था कि बेदी को सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अदालत ने मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव द्वारा दायर याचिका में यह आदेश दिया था। याचिका में बेदी को हस्तक्षेप करने से रोकने का अनुरोध किया गया था।
नारायणसामी ने कहा था कि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के लिए निर्वाचन आयुक्त के तौर पर एक अधिकारी को नियुक्त करने का फैसला किया था लेकिन बेदी ने इस फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा था, वह प्रशासकीय प्रक्रियाओं के बारे में भी नहीं जानती है और प्रदेश के मंत्रिमंडल के हर फैसले को नकारती रही हैं।