जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करें कर्मचारी: एन रंगास्वामी, मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि कई विधायकों ने सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार के पक्ष में बात की। हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों को भी अपनी जिम्मदारियों का निर्वहन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, कर्मचारियों की कार्य संस्कृति के कारण सरकार द्वारा संचाचित कई सहकारी समितियां निष्क्रिय हो गई हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को इस बारे में आत्म निरीक्षण करना चाहिए कि इन संस्थाओं ने पिछले कुछ वर्षों में कैसे नुकसान उठाया है।
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कोविड के दौरान माता या पिता खोने वाले बच्चों को मिलेगी मदद
वहीं, पुडुचेरी के कृषि एवं समाज कल्याण मंत्री सी जयकुमार ने आज विधानसभा को बताया कि सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19 के दौरान अपने पिता या मां में से किसी एक को खोने वाले बच्चों को 2,000 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करने के लिए एक योजना बनाई है।
सदन में अपने विभागों की अनुदान मांगों के संबंध में चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि इस योजना में 416 बच्चे शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों की देखभाल में उनकी वित्तीय कठिनाइयों से राहत देने की जरूरत है, और इसलिए उनकी पीड़ा को कम करने के लिए यह योजना तैयार की गई है। कराईकल में पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि एवं अनुसंधान महाविद्यालय (पाजांकोआ) के बारे में मंत्री ने कहा कि इसे कृषि विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।
आदि द्रविड़ कल्याण विभाग आयोजित करेगा वलाईकाप्पु समारोह
परिवहन और आदि द्रविड़ कल्याण मंत्री चंद्रप्रियंका ने अपने विभागों से संबंधित सवालों का जवाब देते कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित गर्भवती माताओं को कवर करने वाला एक 'वलाईकाप्पु' समारोह (गोद भराई समारोह) आदि द्रविड़ कल्याण विभाग के माध्यम से आयोजित किया जाएगा और इस योजना का नाम कराईकल अम्माय्यर (भगवान शिव के 63 भक्तों में से एक) के नाम पर रखा गया है।
मंत्री ने अंग्रेजी भाषा में दक्षता हासिल करने के लिए वंचित समुदाय के छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए एक विशेष योजना की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कराईकल के छात्रों को इस साल अप्रैल से कोचिंग प्रदान की जाएगी।
विधवाओं को अब हर महीने 3000 रुपये की सहायता राशि
रंगासामी ने इससे पहले इसी महीने शुक्रवार 17 मार्च को विधानसभा को यह भी बताया था कि सरकार द्वारा विधवाओं को दी जाने वाली 2000 रुपये की मासिक सहायता को बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार की ओर से संचालित सड़क परिवहन निगम के वाहनों में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा जो पहले केवल अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के लिए थी, उसे अब सभी महिलाओं के लिए विस्तारित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि विधवाओं के लिए अब 2000 रुपये की पेंशन (मासिक सहायता) को बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया जाएगा।
प्रति हेक्टेयर भूमि के लिए 7500 रुपये का मुआवजा
उन्होंने यह भी एलान किया था कि जिन किसानों की फसल को 4111.50 हेक्टेयर तक नुकसान हुआ है, उन्हें प्रति हेक्टेयर भूमि के लिए 7500 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया था कि कराईकल क्षेत्र में 5,137 किसानों को इसके तहत कवर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह मुआवजा 12,500 रुपये प्रति हेक्टेयर भूमि के उत्पादन प्रोत्साहन के अलावा उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही सभी कार्ड धारकों (लाल या पीले रंग के राशन कार्ड) को लाभ पहुंचाने के लिए एक स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत करेगी।