बांबे उच्च न्यायालय ने रेमंड समूह के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया को अपनी आत्मकथा के प्रकाशन से 13 मार्च तक रोक दिया है। न्यायमूर्ति एस.के.शिंदे की एकल पीठ ने 20 फरवरी को दिये अंतरिम आदेश में मामले की अगली सुनवाई तक आत्मकथा के प्रकाशन पर रोक लगा दी। अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी।
पीठ सिंघानिया के एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। सिंघानिया ने रेमंड लिमिटेड द्वारा ठाणे जिला अदालत में उनके खिलाफ दायर मामले को स्थानांतरित करने का आवेदन किया था। उल्लेखनीय है कि सिंघानिया ‘दी इनकंप्लीट मैन’ नाम से आत्मकथा प्रकाशित करने वाले हैं।