कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी जा चुकी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) की इकाइयों को लेकर वित्त मंत्रालय ने बड़ा एलान किया है। मंत्रालय का कहना है कि ऐसी इकाइयां जिनके लिए मंजूरी मिल चुकी है, उनकी रणनीतिक बिक्री संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) द्वारा तय दिशानिर्देशों के तहत की जाएगी। मंत्रालय ने ये भी कहा है कि बिक्री काम जल्द ही किया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने कहा कि जिन इकाइयों की रणनीतिक बिक्री के लिए ईओआइ निकाले जा चुके हैं, उनकी बिक्री निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग करेगा।
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट के एक जून को निकाली गई विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिस भी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के रणनीतिक बिक्री प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) या वैकल्पिक व्यवस्था (एएम) ने मंजूरी दे दी है, उनकी बिक्री प्रक्रिया को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा नए दिशानिर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।
कैबिनेट ने 18 मई को दी थी मंजूरी
गौरतलब है कि मोदी कैबिनेट ने बीती 18 मई को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अपनी इकाइयों और सब्सिडियरी कंपनियों को बंद करने, रणनीतिक या अल्पांश हिस्सेदारी की बिक्री के अधिकार पर मुहर लगाई थी। कैबिनेच के इस फैसले से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अधिक स्वतंत्रता मिली है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही दीपम ने विज्ञप्ति प्रकाशित की है।
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट ने कहा कि वह इस तरह के रणनीतिक विनिवेश के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगा। इसके साथ ही किसी इकाई को बंद करने के लिए लोक उपक्रम विभाग (डीपीई) के दिशा-निर्देश और नियम अमल में लाए जाएंगे।
गौरतलब है कि मोदी कैबिनेट 2016 से अब तक 35 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और उनकी सब्सिडियरी इकाइयों के रणनीतिक विनिवेश के लिए अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है।साथ ही इन सार्वजनिक क्षेत्र की इन 35 इकाइयों में से नौ का लेनदेन भी हो चुका है।