नए प्रावधान में उल्लंघन पाए जाने की स्थिति में केवल 500 रुपये के जुर्माने लगेगा। मंत्रालय ने संशोधन का मसौदा तैयार कर आम जनता से इस पर सुझाव मांगे हैं।
वन अधिनियम के तहत उल्लंघन पर मिलने वाली सजा के प्रावधान को केंद्र सरकार खत्म करने जा रही है। इसके साथ ही राज्यों को वनों से संबंधित उनके अधिकार क्षेत्र में भी बढ़ोतरी की तैयारी है। इसके लिए भारतीय वन अधिनियम 1927 में कुछ प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा।
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नए प्रावधान में उल्लंघन पाए जाने की स्थिति में केवल 500 रुपये के जुर्माने लगेगा। मंत्रालय ने संशोधन का मसौदा तैयार कर आम जनता से इस पर सुझाव मांगे हैं। जनता ऑनलाइन या ऑफलाइन अपनी शिकायतें या सुझाव 31 जुलाई तक भेज सकते हैं।
फिलहाल भारतीय वन अधिनियम 1927 के प्रावधानों के तहत वन क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने की स्थिति में जेल की सजा और जुर्माना का प्रावधान। मंत्रालय के मुताबिक इन अधिकारों के दुरुपयोग के कारण संशोधन करने का प्रस्ताव किया है ताकि इससे आम जनता का उत्पीड़न रोका जा सकेगा।