जगन्नाथ मंदीर में प्रशासन ने गेस्ट हाउसों में चारपहिया वाहनों के लिए ₹500 पार्किंग शुल्क को लेकर विरोध के बावजूद फैसले को बरकरार रखा है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम बेहतर व्यवस्था के लिए है, जबकि बीजेडी ने इससे पर्यटकों के आगमन पर असर पड़ने की आशंका जताई है।
ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदीर प्रशासन (एसजेटीए) अपने फैसले पर कायम है। गेस्ट हाउसों में चारपहिया वाहनों के लिए 500 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जाएगा। इस फैसले को वापस लेने से प्रशासन ने इनकार किया है। एसजेटीए का कहना है कि विरोध के बावजूद कोई बदलाव नहीं होगा। प्रशासन के मुताबिक यह कदम व्यवस्था सुधारने के लिए उठाया गया है।
एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंदा पाधी ने कहा कि रोजाना औसतन 10 वाहन ही गेस्ट हाउसों में पार्क होते हैं और चारपहिया से आने वाले आगंतुक 500 रुपये का शुल्क वहन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन पर्यटकों के पास ठहरने का आरक्षण है, वे चाहें तो अन्य पार्किंग स्थलों का भी उपयोग कर सकते हैं।
यह बयान विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) की उस मांग के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि इससे तीर्थ शहर में पर्यटकों के आगमन पर असर पड़ सकता है।
आवास शुल्क बढ़ाने पर कोई शुल्क नहीं
पाधी ने बताया कि जगन्नाथ बल्लव पार्किंग में शुल्क ₹250 है और कोई भी वहां वाहन खड़ा कर सकता है। हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। साथ ही, उन्होंने जोड़ा कि भक्ता निवासों के कमरे होटलों की तुलना में सस्ते हैं, इसलिए आवास शुल्क बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है क्योंकि इससे श्रद्धालुओं पर असर पड़ेगा।
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एसजीटीए की अधिसूचना के अनुसार, उसके चार भक्ता निवास नीलाद्री भक्ता निवास, नीलाचल भक्ता व यात्री निवास, श्री गुंडिचा भक्ता निवास और श्री पुरुषोत्तम भक्ता निवास में 24 घंटे के लिए चारपहिया पार्किंग पर 18% जीएसटी सहित ₹500 शुल्क लिया जाएगा। ये सभी सुविधाएं पुरी के ग्रैंड रोड और जगन्नाथ के पास प्रमुख स्थानों पर स्थित हैं।