उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर अमरेश प्रसाद (32) की एक सितंबर को तिरुवल्लूर जिले के कट्टुपल्ली में एक निर्माणाधीन इमारत से गिरकर मौत हो गई थी। सहकर्मी की मौत के बाद प्रवासी मजदूर परिजनों को मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन जब पुलिस उनकी शिकायतें सुनने पहुंची तो मजदूरों ने टीम पर पथराव शुरू कर दिया।
एक निर्माणाधीन इमारत से गिरकर सहकर्मी की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर चेन्नई के उत्तरी उपनगर कट्टुपल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रवासी मजदूर मंगलवार को हिंसक हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस उनकी शिकायत सुनने पहुंची, तो मजदूरों ने अचानक पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया।
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में मजदूर विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए थे। उन्होंने बताया कि पहले मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन जब पुलिस टीम उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए पहुंची, तो उन्होंने अचानक पथराव शुरू कर दिया। अधिकारी ने बताया कि उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल जुटाया गया और हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को नियंत्रित किया गया।
55 से ज्यादा मजदूरों से पूछताछ कर रही पुलिस
बाद में, पुलिस ने छात्रावास पर छापा मारा और मजदूरों के साथ विरोध प्रदर्शन के लिए छत पर जमा हुए लोगों को भी हिरासत में लिया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस हिंसक हमले में शामिल 55 से ज्यादा मजदूरों से पूछताछ कर रही है।
एक सितंबर को हुई थी अमरेश प्रसाद की मौत
पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूर अमरेश प्रसाद (32) की एक सितंबर को तिरुवल्लूर जिले के कट्टुपल्ली में एक निर्माणाधीन इमारत से गिरकर मौत हो गई थी। प्रवासी मजदूर सहकर्मी की मौत के बाद उसके परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।