10 दिनों की किसान हड़ताल का आज चौथा दिन है। महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के बयान के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर दूध फेंक दिया। किसानों ने दूध मांगने आए स्थानीय निवासियों को निराश नहीं किया और उनके बर्तनों में दूध डालकर वितरित कर दिया। वहीं दूसरी तरफ हड़ताल की वजह से देशभर में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
बता दें कि केन्द्रीय कृषि मंत्री
राधा मोहन सिंह ने कहा था, 'मीडिया में आने के लिए असामान्य कार्य करना होता है। देश में 12-14 करोड़ किसान हैं। हमेशा से ऐसे संगठन रहेंगे जिनमें कुछ हजार लोग होंगे।' कृषि मंत्री से जब पत्रकारों ने सवाल पूछा था कि देश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं और मध्यप्रदेश में किसानों का बड़ा आंदोलन चल रहा है। इसके जवाब में उन्होंने कहा था, 'ऐसा नहीं है कि हमारी सरकार किसानों के लिए कुछ नहीं किया। मध्यप्रदेश में भी बहुत काम हुए हैं, जहां तक प्रदर्शन की बात है तो कई बार मीडिया में पब्लिसिटी के लिए भी कुछ किसान तरह-तरह के उपक्रम करते रहते हैं।"
केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा किसानों की हड़ताल पर दिए बयान की वजह से उनके खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में केस दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने यह केस दर्ज करवाया है।
किसान लगातार शहरों की मंडियों में सब्जियां भेजने की बजाए सड़क पर अपनी पैदावार को फेंक रहे हैं। किसान केंद्र सरकार की कथित एंटी-किसान नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों के संगठन की मांग है कि उन्हें अपने उत्पाद का लाभकारी मूल्य दिया जाए, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए और उनके ऋणों को सरकार माफ कर दें।
हड़ताल का असर देशभर में पड़ सके इसके लिए किसानों ने दूसरे शहरो में फल, सब्जियां, दूध और दूसरी चीजों की सप्लाई को बंद कर दिया है। रविवार को पंजाब के बठिंडा और मानसा जिले में किसानों ने लोगों के घर दूध पहुंचाने जा रहे दूधवाले को दूध की सप्लाई करने से रोका और दूध गिरा दिया। दूधवालों का आरोप है कि किसानों ने जबरन उनसे दूध छीनकर फेंक दिया।
हड़ताल की आड़ में लूटपाट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। पंजाब के मानसा में रविवार सुबह रिलायंस कंपनी का फल और सब्जी से भरा ट्रक रोककर जबरदस्ती खाली करवाकर लूट लिया गया था। इसकी कीमत सात लाख रुपये बताई गई है। वहीं अबोहर में श्रीगंगानगर रोड़ पर कुछ लोगों ने प्याज की बोरियों से लदा ट्रक रुकवा लिया और बोरियां उतारकर अपने घरों में ले गए थे।