महाराष्ट्र सरकार की ओर से अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण के उप-वर्गीकरण के लिए प्रस्ताव पेश किया गया है। इसके खिलाफ बीड जिले में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। लोगों ने इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे आरक्षण के तहत मिलने वाले लाभ कम हो जाएंगे।
महाराष्ट्र के बीड जिले में सोमवार को सैकड़ों लोगों ने अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण के प्रस्तावित उप-वर्गीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस कदम को अन्यायपूर्ण करार देते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
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प्रदर्शनकारियों ने बीड जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय तक मार्च निकाला। इस दौरान वे नीले झंडे और तख्तियां लिए हुए थे और प्रस्तावित वर्गीकरण के खिलाफ नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने इस कदम को सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के लिए हानिकारक बताया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप- आरक्षण के लाभ होंगे कम
इस रैली में सामाजिक कार्यकर्ताओं, सामुदायिक नेताओं, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न पिछड़े समुदायों के प्रतिनिधियों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रस्तावित उप-वर्गीकरण सांविधानिक सुरक्षा उपायों को कमजोर करेगा और ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मौजूदा आरक्षण के लाभों को कम करेगा।
वक्ताओं ने राज्य सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि आरक्षण समानता और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया था, और लाभार्थी समूहों को विभाजित करने का कोई भी प्रयास सामाजिक असंतुलन पैदा करेगा। प्रदर्शनकारियों ने बाद में जिला अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सरकार से उप-वर्गीकरण प्रस्ताव को तत्काल रद्द करने का आग्रह किया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था क्या फैसला?
गौरतलब है कि 2024 में सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि राज्यों को सामाजिक और शैक्षिक रूप से अधिक पिछड़ी जातियों के उत्थान के लिए आरक्षण प्रदान करने हेतु अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने का सांविधानिक अधिकार है।
हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि राज्यों को यह उप-वर्गीकरण पिछड़ेपन और सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व के मात्रात्मक और दर्शाने योग्य डेटा के आधार पर करना होगा, न कि मनमाने ढंग से या राजनीतिक सुविधा के लिए।