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संत रविदास का मंदिर तोड़ने पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आज, कोर्ट ने दी राजनीति न करने की चेतावनी

Wed, 21 Aug 2019 01:09 AM IST
Avdhesh Kumar डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • आम आदमी पार्टी ने इस प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया है
  • प्रदर्शन में सिख समाज के लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है
  • मंदिर समर्थकों का दावा है कि यह मंदिर बहुत पुराना है
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रविदास मंदिर तोड़े जाने का विरोध करते कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश देते हुए कहा था कि तुगलकाबाद वन क्षेत्र में तोड़े गए रविदास मंदिर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सरकारों को भी निर्देश दिया था कि इस मामले पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने न पाए और सरकारें इसके लिए आवश्यक इंतजाम करें। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद इस मुद्दे पर राजनीति लगातार जारी है। बुधवार को जंतर-मंतर पर मंदिर तोड़े जाने के विरोध में एक प्रदर्शन भी आयोजित किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इस प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया है। 
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21 अगस्त को होने वाले इस प्रदर्शन के लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से दलित समाज के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस प्रदर्शन में सिख समाज के लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है क्योंकि सिख समुदाय संत रविदास को भी सम्मान देता है।   

आप सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने मंगलवार को कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों के लिए रविदास का मंदिर बहुत प्रिय था। समाज के लोग मंदिर तोड़े जाने से बहुत आहत हैं। लोगों की इच्छा है कि इस मंदिर को दोबारा बनाया जाए। गौतम ने कहा कि मंदिर को दोबारा बनवाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। 22 अगस्त को दिल्ली विधानसभा का सदन शुरू हो रहा है। इस मुद्दे को सदन में भी उठाया जाएगा। 
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कांग्रेस भी कर चुकी है विरोध

कुछ ही महीनों में दिल्ली विधानसभा के चुनाव भी होने हैं। इसे देखते हुए कोई भी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर पीछे नहीं दिखना चाहता। यही कारण है कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस भी इस मुद्दे पर पूरी मुखरता के साथ अपना विरोध जता चुकी है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने कहा कि भाजपा केंद्र में शासन में है और डीडीए उसी के अंदर में काम कर रही है। ऐसे में अगर वह दलित समाज की भावनाओं का सम्मान करती तो मंदिर न गिराया जाता। उन्होंने कहा कि सरकार को दलित समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संत रविदास का मंदिर दोबारा बनवाया जाना चाहिए।

बचाव में भाजपा

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जहां इस मुद्दे पर हमलावर हैं वहीं भाजपा इस मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में है। विजय गोयल ने कहा है कि संत रविदास का मंदिर नहीं तोड़ा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा है कि वे डीडीए के अधिकारियों से मिलकर मंदिर के लिए अलग जगह दिए जाने के मुद्दे पर बात कर चुके हैं। जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकाल लिया जाएगा। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डीडीए ने 10 अगस्त को तुगलकाबाद वन क्षेत्र में संत रविदास का मंदिर तोड़ दिया था। मंदिर को कानूनन गलत जगह पर बनाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, मंदिर समर्थकों का दावा है कि यह मंदिर बहुत पुराना है। 
 
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