फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तमिलनाडु: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद NEET के खिलाफ प्रदर्शन जारी

Sat, 09 Sep 2017 12:26 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
विज्ञापन
NEET के खिलाफ प्रदर्शन - फोटो : ANI
विज्ञापन
तमिलनाडु में लोग नीट (एनईईटी) की परीक्षा में छूट को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन और सीपीआई नेता नल्लाकनू ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार को सुनिश्चित करने के लिए कहा है की नीट परीक्षा के मुद्दे पर राज्य में किसी तरह का धरना-प्रदर्शन न होने पाए। कोर्ट ने नीट के खिलाफ आवाज उठाने वाली छात्रा के सुसाइड के बाद छात्रों द्वारा किए जा रहे धरने प्रदर्शन के बाद यह बात कही है।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने कहा था कि 'सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस मुद्दे पर किसी तरह का धरना-प्रदर्शन न हो, जिससे आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हो अगर ऐसा होता है तो उचित कानून के तहत कार्रवाई की जाने चाहिए।'
  Tamil Nadu: Ppl protest in Trichy demanding exemption from NEET exam, DMK Working Pres MK Stalin&CPI Leader Nallakannu met the protesters pic.twitter.com/lTSifg1dbx — ANI (@ANI) September 9, 2017
विज्ञापन



पढ़ें: SC का आदेश, NEET के जरिये कराएं मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश

बता दें कि मेडिकल में एडमिशन का सपना देखने वाली छात्रा अनीथा ने कुछ दिनों पहले आत्महत्या कर ली थी, उसके पिता का कहना है कि वह काफी मुश्किल परिस्थितियों में नेशनल इलिजबिलिटी इंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी कर रही थी। गौरतलब है कि अनीथा ने ही सुप्रीम कोर्ट में मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए एनईईटी को अनिवार्य करने के लिए खिलाफ याचिका दायर की थी।

अनीथा डॉक्टर बनना चाहती थी और उसने 12वीं में 1200 में से 1176 अंक हासिल किए थे। उसने इंजीनियरिंग के लिए 200 में से 199.75 और मेडिकल के लिए 196.75 अंक प्राप्त किए थे। जिस कारण उसे बिना एनईईटी के ही किसी भी स्ट्रीम में एडमिशन मिल सकता था।

हालांकि एनईईटी में उसका स्कोर 86 परसेंटाइल था। जिसके बाद उसने एनईईटी लागू करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। अनीथा के परिवार का कहना है कि उसने इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमीशन लेने से मना कर दिया था, क्योंकि वह एक डॉक्टर बनना चाहती थी।
विज्ञापन

 
कुछ दिन पहले ही उसके पिता ने सरकार की ओर से मदद के रूप में दिया गया चेक वापिस कर दिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें