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अब कर्नाटक से आई कांग्रेस के लिए आफत, कैबिनेट फेरबदल के बाद बगावत

Mon, 20 Jun 2016 05:44 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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सिद्धारमैया के फैसले का हो रहा है विरोध - फोटो : The Hindu
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कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लिए सरकार में किया गया बड़ा फेरबदल मुफीद साबित नहीं हो रहा है। इस फैसले का पूरे प्रदेश में खासा विरोध हो रहा है। बीते दिनों हुए फेरबदल में पार्टी के बड़े चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाए जाने पर उनके समर्थकों ने जगह जगह विरोध प्रदर्शन किए हैं।
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राज्य में सरकार के 3 साल पूरे होने के बाद इस फेरबदल से बाहर का रास्ता दिखाए गए नेताओं के समर्थकों ने पूरे राज्य में हंगामा कर कर रहे हैं। उग्र भीड़ द्वारा कई वाहन जला दिए गए और कई जगह कांग्रेस के पार्टी दफ्तर में तोड़ फोड़ भी किए गए।


इस तोड़ फोड़ और विरोध प्रदर्शन के बीच पार्टी के विधायक अबरीश ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि बीते रविवार को हुए भारी फेरबदल में कैबिनेट से हटाए गए मंत्रियों के इस्तीफे राज्यपाल वजूभाई वाला को भेज दिए गए थे, जिन्हें उन्होंने स्वीकार कर लिया गया था।
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सिद्धारमैया ने जिन नेताओं को कैबिनेट में जगह दी थी, उनमें नाम-तनवीर सैत, के. थिंमप्पा, रमेश कुमार, बासवराज राया रेड्डी, एच वाई मेती, एस एस मल्लिकार्जुन, एम आर सीताराम, संतोष लाड और रमेश जरकिहोली हैं। इनके साथ ही प्रियांक खड़गे, रूद्रप्पा लमनी, ईश्वर खंद्रे और प्रमोद माधवराज को राज्य मंत्री बनाया गया है। नई कैबिनेट में शामिल किए गए के. थिंमप्पा और रमेश कुमार पूर्व विधानसभाध्यक्ष हैं और खड़गे लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं।



राज्य में सरकार बने तीन साल हो चुके हैं और दो साल बाद कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे समय में फेरबदल कर मुख्यमंत्री ने राज्य में जाति और क्षेत्र के समीकरणों के बीच संतुलन बिठाने का प्रयास किया है। कर्नाटक का यह फेरबदल कांग्रेस के लिए बहुत महत्तवपूर्ण है माना जा रहा है, क्योंकि यह प्रयोग कर्नाटक में कांग्रेस की चुनावी रणनीति को निर्धारित करेगा।
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Published By Rahul Sankrityayan
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