साल 2008 में अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में दोषी 49 लोगों को कितनी सजा दी जाए इस पर अभियोजन पक्ष की ओर से सोमवार को बहस पूरी हो गई। विशेष न्यायाधीश एआर पटेल मंगलवार को बचाव पक्ष की दलीलें सुनेंगे। यह जानकारी वरिष्ठ लोक अभियोजक सुधीर ब्रह्मदत्त ने दी।
13 साल से अधिक पुराने इस मामले में अदालत ने पिछले साल सितंबर में मुकदमे की कार्यवाही पूरी कर ली थी। पुलिस ने दावा किया था कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े लोगों ने साल 2002 में गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए इन हमलों को अंजाम दिया था, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय के कई लोग मारे गए थे।
अहमदाबाद में सिलसिलेवार धमाकों के कुछ दिन बाद पुलिस ने सूरत के विभिन्न इलाकों से कई बम बरामद किए थे। इसके बाद अहमदाबाद में 20 और सूरत में 15 एफआईआर दर्ज की गई थीं। अदालत की ओर से सभी 35 एफआईआर को एक साथ जोड़ देने के बाद दिसंबर 2009 में 78 आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की शुरुआत हुई थी।
इनमें से एक आरोपी बाद में सरकारी गवाह बन गया था। इस मामले में बाद में चार और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उनका मुकदमा अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 1100 गवाहों का परीक्षण किया।