हैदराबाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'प्रोजेक्ट कुशा' को देश की सुरक्षा के लिए बेहद अहम बताया। डीआरडीओ का यह स्वदेशी सिस्टम 150 से 400 किलोमीटर तक दुश्मन की मिसाइल और ड्रोन को मार गिरा सकता है। साल 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में इसका सफल इस्तेमाल हो चुका है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत के नए हवाई रक्षा रक्षा कवच 'प्रोजेक्ट कुशा' की जमकर तारीफ की है। राजनाथ सिंह ने इसे देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा गेम-चेंजर बताया है। उन्होंने इसकी तुलना भगवान कृष्ण के गोवर्धन पर्वत से की है। हैदराबाद में डीआरडीओ के एक नए केंद्र का उद्घाटन करते हुए उन्होंने यह बात कही। रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि प्रोजेक्ट कुशा आने वाले समय में देश की सुरक्षा की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा।
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रूस के घातक एस-400 सिस्टम को देगा टक्कर
यह पूरी तरह से भारत में बना मिसाइल सिस्टम है। इसे देश की संस्था डीआरडीओ तैयार कर रही है। यह जमीन से हवा में मार करने वाली बेहद आधुनिक प्रणाली है। इसे रूस के मशहूर एस-400 सिस्टम को टक्कर देने के लिए बनाया जा रहा है। इसमें तीन तरह की मिसाइलें होंगी। ये मिसाइलें 150 किलोमीटर, 250 किलोमीटर और 400 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन को मार गिराएंगी। यह सिस्टम दुश्मन के खतरनाक स्टील्थ विमानों, ड्रोनों, क्रूज मिसाइलों और हाइपरसोनिक हथियारों को हवा में ही तबाह कर देगा। भारतीय सेना इसे साल 2028 से 2030 के बीच तैनात कर सकती है।
ऑपरेशन सिंदूर में पहले ही दिखा चुका है दम
रक्षा मंत्री ने बताया कि यह सिस्टम अपनी ताकत पहले ही दिखा चुका है। साल 2025 में पहलगाम में एक आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान इस सिस्टम ने कमाल का काम किया था। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह दुनिया के सबसे बेहतरीन सिस्टम में से एक है। इसकी ताकत का इससे बड़ा कोई और सबूत नहीं हो सकता है। जैसे द्वापर युग में गोवर्धन पर्वत ने ब्रज के लोगों की जान बचाई थी, वैसे ही इस सिस्टम ने संकट के समय पूरे इलाके को सुरक्षा दी थी।
दुनिया में तनाव के बीच भारत बनेगा आत्मनिर्भर
आज पूरी दुनिया में अशांति का माहौल है। कई देशों के बीच युद्ध और तनाव चल रहा है। पुराने रिश्ते टूट रहे हैं और नए गठबंधन बन रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे माहौल में देश को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है। भारत को अपनी ताकत इतनी बढ़ानी होगी कि कोई भी दुश्मन हमारी तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत न करे। आज भारत की सरकारी कंपनियां, वैज्ञानिक, प्राइवेट फैक्ट्रियां और नए स्टार्टअप मिलकर काम कर रहे हैं। सरकार को अपने वैज्ञानिकों पर पूरा भरोसा है। भारत तकनीक के मामले में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।