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मनोहर परिकर, IIT इंजीनियर जिसने राजनीति की मशीनरी को भी खूब संभाला

Sun, 17 Mar 2019 08:34 PM IST
यशवीर सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 13 दिसंबर 1955 को गोवा के मापुसा में हुआ था जन्म, पूरा नाम था प्रभु मनोहर परिकर
  • गोवा में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे परिकर, चार बार ली शपथ
  • 1978 में IIT Mumbai से धातुकर्म इंजीनियरिंग (मेटलर्जिक इंजीनियरिंग) से स्नातक किया
  • 9 नवंबर 2014 से 13 मार्च 2017 तक परिकर ने संभाला था रक्षामंत्री का पद
  • परिकर का विवाह मेधा परिकर से हुआ था, मेधा का निधन वर्ष 2000 में कैंसर से ही हुआ था
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मनोहर परिकर (फाइल फोटो)
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विस्तार
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बीते लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे परिकर ने भारत के रक्षा मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। परिकर का जन्म 13 दिसंबर 1955 को गोवा के मापुसा में हुआ था। वह भारत के किसी भी राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो आईआईटी से स्नातक थे। इसके साथ ही परिकर गोवा में सबसे लंबे समय कर मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नेता भी थे।

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1978 में उन्होंने आईआईटी मुंबई से स्नातक किया था। साल 2001 में आईआईटी मुंबई ने उन्हें विशिष्ट भूतपूर्व छात्र की उपाधि भी दी थी। भारतीय जनता पार्टी से गोवा के मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले नेता थे। 13 मार्च 2017 को परिकर ने चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। परिकर का विवाह मेधा परिकर से हुआ था। मेधा का निधन वर्ष 2000 में कैंसर से ही हुआ था।

जून 1999 से नवंबर 1999 तक वह विरोधी पार्टी के नेता रहे। 24 अक्तूबर 2000 को वह गोवा के मुख्यमंत्री बने, लेकिन उनकी सरकार फरवरी 2002 तक ही चल पाई। जून 2002 में वह फिर सभा के सदस्य बने और पांच जून 2002 को फिर गोवा के मुख्यमंत्री के लिए चयनित हुए। भाजपा को गोवा की सत्ता में लाने का श्रेय परिकर को ही जाता है। 
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मनोहर परिकर का पूरा प्रोफाइल यहां पढ़ें, देखें और डाउनलोड करें

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। पैनक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित 61 वर्षीय परिकर को 31 जनवरी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। हाल ही में बीमार परिकर ने तीन मार्च को गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) में जांच कराई थी। फरवरी में परिकर का जीएमसीएच में एक ऑपरेशन भी हुआ था।

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मनोहर गोपालकृष्णन प्रभु परिकर का संक्षिप्त जीवन परिचय

मनोहर परिकर मार्च 2017 में देश के रक्षा मंत्री का पद छोड़कर चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। भारतीय राजनीति में मनोहर परिकर की पहचान 'मिस्टर क्लीन' के रूप में होती है। मनोहर परिकर का जन्म 13 दिसंबर 1955 को गोवाल के पास मापुसा में हुआ था। उनका पूरा नाम मनोहर गोपालकृष्णन प्रभु परिकर (Manohar Gopalkrishna Prabhu Parrikar) है। मनोहर परिकर ने 1978 में आईआईटी मुंबई से ग्रेजुएशन किया था। वो देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री रहे, जिनसे आईआईटी से ग्रेजुएशन किया हो।

मनोहर परिकर को 2001 में आईआईटी मुंबई ने विशिष्ट भूतपूर्व छात्र की उपाधि भी प्रदान की थी। 24 अक्टूबर 2000 को वह गोवा के पहली बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन सरकार 27 फरवरी 2002 तक ही चल पाई। 5 जून 2002 को एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री बने।

साफ छवि ने बनाया था रक्षा मंत्री

मनोहर परिकर के रक्षा मंत्री रहते हुए भारतीय सेना ने दो बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था। 2016 की चर्चित सर्जिकल स्ट्राइक उन्हीं के कार्यकाल में अंजाम दी गई थी। इससे पहले जून, 2015 को मणिपुर के चंदेल जिले में उग्रवादियों ने हमला कर सेना के 18 जवानों की हत्या कर दी थी। इसके बाद म्यांमार सीमा में भारतीय पैराकमांडो घुसे और उग्रवादियों के दो कैंप तबाह करके आए थे। इस ऑपरेशन में करीब 100 उग्रवादी मारे गए।

शालीन और सरल स्वभाव के नेता परिकर बीमारी में भी काम करते रहे। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के बावजूद नाक में ड्रिप लगाए हुए ही ऑफिस जाते थे और नेताओं के साथ बैठक करते थे। गौरतलब है कि उनकी पत्नी भी कैंसर से जंग लड़ते हुए ही जिंदगी की जंग हार गई थीं।

मनोहर परिकर की बहादुरी, जोश और जज्बे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी में बीमारी की हालत में उन्होंने राज्य का बजट पेश किया था। इस दौरान उनकी नाक में ट्यूब डली हुई थी। बजट पेश करने के दौरान उन्होंने कहा था कि मैं अपनी अंतिम सांस तक ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ गोवा की सेवा करूंगा। और हुआ भी ऐसा ही।

बचपन से संघ से नाता

मनोहर परिकर की प्रारंभिक शिक्षा लोयोला हाई स्कूल से हुई थी। इसके बाद उन्होंने मुंबई में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिला लिया और अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। परिकर छात्र जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए।

1994 में जीते थे पहली बार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से परिकर को 1994 में गोवा की पणजी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका मिला था जिसमें उन्होंने जीत भी हासिल की थी। 24 अक्टूबर, 2000 में गोवा में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल करते हुए सत्ता तक पहुंच बना ली और परिकर को मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि मुख्यमंत्री बनने की खुशी परिकर के लिए ज्यादा समय तक नहीं रह सकी क्योंकि निजी जिंदगी में उनका संघर्ष जारी थी। उनकी पत्नी मेघा कैंसर की बीमारी से लड़ रही थीं। एक साल बाद ही उनकी पत्नी का निधन हो गया।
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