लीबिया में 414 दिनों से आतंकी संगठन आईएस के कब्जे में रहे दो भारतीय प्रोफेसर अपने घर लौट आए हैं। उन्होंने घर लौटने की इस घटना को पुनर्जन्म करार दिया। आंध्र प्रदेश के टी गोपीकृष्णा और तेलंगाना के बलराम कृष्णा को पिछले साल जुलाई में आईएस ने बंधक बना लिया था। ये दोनों लीबिया के सिरते यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे। करीब एक सप्ताह पहले आतंकियों ने उन्हें रिहा कर दिया था।
कंप्यूटर साइंस के सहायक प्रोफेसर गोपीकृष्णा ने कहा कि 14 महीने बाद परिवार के साथ मौजूद रहने पर वह बहुत खुश हैं। इस दौरान वह अपने परिवार से बात नहीं सकते थे। वह बहुत डरावना अनुभव था। लीबिया की सेना और विदेश मंत्रालय का शुक्रिया अदा करते हुए गोपीकृष्णा ने कहा कि अब उनकी विदेश जाने की कोई योजना नहीं है।
गोपीकृष्ण ने अन्य कोई जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि मैं लंबी कैद के बाद वापस लौटने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मैंने विदेश मंत्रालय को पहले ही इस बात की सारी जानकारी दे दी है कि 414 दिनों की मेरी कैद के दौरान क्या हुआ था। मैं और अधिक विवरण नहीं दे सकता।