आंकड़ों के हिसाब से अगर सरकार इस माह के लक्ष्य को पूरा करना चाहती है तो उसे मौजूदा टीकाकरण को रोजाना तीन गुना से भी ज्यादा रफ्तार देनी होगी। लेकिन यह भारत बायोटेक के आपूर्ति अनुमान के चलते संभव नहीं होगा।
भारत का जुलाई अंत तक 50 करोड़ से ज्यादा टीके लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा। इसकी बड़ी वजह कोवाक्सिन निर्माता भारत बायोटेक का पर्याप्त उत्पादन न बढ़ा पाना है।
विज्ञापन
दरअसल, मई में खुद सरकार ने जुलाई आखिर तक 51.6 करोड़ डोज उपलब्ध कराने की बात कही थी। साथ ही इस साल दिसंबर तक लगभग सभी 94.4 करोड़ वयस्कों को टीके लगाने की इच्छा जाहिर की गई थी।
सरकार जुलाई या अगस्त से मासिक छह से सात करोड़ कोवाक्सिन टीकों की आपूर्ति मानकर चल रही थी। लेकिन भारत बायोटेक इस माह सिर्फ 2.5 करोड़ और अगस्त में 3.5 करोड़ टीके ही दे पाएगी क्योंकि बंगलूरू में कंपनी की एक उत्पादन लाइन शुरू होने में अभी समय लग रहा है। यह जानकारी बीते हफ्ते संसद में खुद स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने दी थी। हालांकि, मांडविया ने कहा कि आपूर्ति में कमी से देश में टीकाकरण अभियान प्रभावित नहीं होगा।
विज्ञापन
दुनियाभर में देखें तो भारत में काफी बड़े पैमाने पर टीकाकरण हो रहा है। चीन को छोड़ दें तो अब तक यहां 43 करोड़ डोज वितरित हो चुकी हैं, जो किसी भी देश के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
हालांकि आबादी के अनुपात में टीकाकरण को लेकर भारत कई देशों से पीछे है। वैसे, केंद्र सरकार को अगस्त से दिसंबर के बीच कोविशील्ड की 50 करोड़ और कोवाक्सिन की 40 करोड़ डोज मिलने का भरोसा है।