Portrayal of CRPF officer in Newton movie
2017 में बनी फिल्म 'न्यूटन' पर यह आरोप लगाए गए हैं कि उसमें 'सीआरपीएफ' की छवि खराब की गई थी। बल के पूर्व उपनिरीक्षक तमल सान्याल इस फिल्म के खिलाफ अदालत में पहुंचे थे। सितंबर 2019 में कड़कड़डूमा अदालत ने मानहानि के केस में न्यूटन फिल्म के निर्माता मनीष मुंद्रा और सेंसर बोर्ड (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) को नोटिस जारी किया था।
सेंसर बोर्ड ने कोर्ट को बताया था कि उसने निर्माता से फिल्म में अस्वीकरण दिखाने के लिए कहा है। हालांकि इसका पालन नहीं किया गया है। अब अदालत ने इस मामले में देरी से जवाब देने की वजह से फिल्म निर्माता पर तीन हजार रुपये के व्यय खर्च का जुर्माना लगा दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2020 को होगी।
गौरतलब है कि फिल्म में सीआरपीएफ को लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया को दागदार करते हुए दिखाया गया है। इससे बल के पूर्व उपनिरीक्षक तमाल सान्याल काफी आहत हुए थे और उन्होंने इस मामले में अदालत की शरण ली थी।