इस अधिकारी ने बताया कि ईडी ने नए कानून के तहत की जा रही कार्रवाई में बड़ोदा के इस व्यापारिक परिवार की भारत व विदेश में मौजूद करीब 7000 करोड़ रुपये की संपत्ति को तत्काल कुर्क करने की इजाजत भी विशेष अदालत से मांगी है। अदालत ने चारों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है।
बता दें कि ईडी इस मामले में अभी तक 4710 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने के अलावा करीब 15 लाख कागजात भी जब्त करते हुए अपने कब्जे में ले चुकी है। जांच के दौरान घोटाले में शामिल होने के लिए चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कर्ज दिलाने में बिचौलिया की भूमिका निभाने वाले दिल्ली के व्यापारी गगन धवन, कंपनी का निदेशक राजभूषण दीक्षित, आंध्र बैंक का पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और गगन धवन का सहायक रंजीत मलिक शामिल है।
इस मामले में ईडी अभी तक पांच आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जिनमें से आखिरी आरोप पत्र इसी सप्ताह के शुरू में दाखिल किया गया था। ईडी के अनुसार, संदेसरा परिवार ने अमेरिका, यूएई, ब्रिटेन, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स, मारीशस, बारबाडोस, पनामा और नाइजीरिया समेत दर्जन भर देशों में मौजूद 100 से ज्यादा कंपनियों के जरिए कई स्तर पर इधर से उधर घुमाकर बैंक से लिए गए हजारों करोड़ के कर्ज को मनी लांड्रिंग और साइफनिंग के जरिए देश से बाहर भेजा था। ईडी इस मामले में अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भी करीब 140 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने की जांच कर रही है।