कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पहली बार प्रयागराज आए आलोक कुमार ने विहिप के केसर भवन में संवाददाताओं से शुक्रवार को बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण को लेकर अदालत के फैसले का अब अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं किया जा सकता।
प्रांत संगठन मंत्री मुकेश की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि विहिप के पदाधिकारी और संतों ने पांच अक्तूबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर उनसे मांग की थी कि वह सरकार से कहें कि राम मंदिर के लिए कानून बनाया जाए। साथ ही सभी राज्यों की धार्मिक संस्थाएं एवं विहिप कार्यकर्ता भी अब संबंधित राज्यपालों से इस संबंध में मिलेंगे।
15 नवंबर से देश के सभी संसदीय क्षेत्रों में जनसभाएं शुरू होंगी। सभा के बाद एक प्रतिनिधिमंडल संबंधित सांसदों से मिलकर मांग करेगा कि वह संसद में राम मंदिर निर्माण के कानून की पैरवी करें। इसके लिए सभी दलों से मांग की जाएगी।
गीता जयंती के अवसर पर 18 दिसंबर को सभी मंदिर, मठों, गुरुद्वारों, बुद्ध विहार आदि में मंदिर निर्माण के लिए अनुष्ठान भी किया जाएगा। 31 जनवरी 2019 को प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद के पूर्व मंदिर निर्माण में आने वाली सभी अड़चन दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि धर्म संसद में मंदिर निर्माण की तिथि तय की जा सके।