राज्यसभा में सोमवार को सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके सम्मान में एक घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। सुबह 10 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति एम. वेंकैया नायडू ने लता मंगेशकर के निधन का जिक्र किया।
सदन के सदस्यों ने कुछ क्षणों का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। संगीत की दुनिया में लता मंगेशकर की उल्लेखनीय भूमिका को याद करते हुए नायडू ने कहा कि उनके निधन से एक युग का अंत हो गया और देश को अपूरणीय क्षति हुई है।
उन्होंने कहा कि पिछले सात दशकों में लता मंगेशकर ने 36 भाषाओं सहित कुछ विदेशी भाषाओं में भी 25 हजार से अधिक गाने गाए और देश व दुनिया को अपनी मधुर आवाज से मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर 1999 से 2005 तक राज्यसभा की मनोनीत सदस्य रही थीं।