व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग का ऑडियो और कल्याण विश्वविद्यालय से एक महिला की ओर से इविवि के महिला सलाहकार बोर्ड को भेजा गया पत्र वायरल होने के बाद विवादों में घिरे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। अब विश्वविद्यालय के पूर्व एवं वर्तमान शिक्षकों ने कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विश्वविद्यालय के विजिटर यानी राष्ट्रपति को खुला पत्र लिखा है और कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पत्र लिखने वालों में सभी इविवि अध्यापक संघ (ऑटा) के पूर्व पदाधिकारी एवं कालेजों के पूर्व शिक्षक हैं। राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में कुलपति पर लगे व्यक्तिगत अनैतिक आचरण एवं उनकी मनमानी कार्यशैली की शिकायत भी की गई है। साथ ही कुलपति पर प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उधर, न्यायमूर्ति अरुण टंडन का कहना है कि उन्हें मामले की जांच के लिए पत्र मिल चुका है। जांच करेंगे या नहीं, इस पर बाद में विचार करेंगे।
इन्होंने राष्ट्रपति को भेजा पत्र
ऑटा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष प्रो. रंजन कक्कड़, पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री, पूर्व अध्यक्ष प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी, पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. रमा चरण त्रिपाठी, पूर्व महासचिव प्रो. विनय चंद्र पांडेय, पूर्व महासचिव प्रो. महेश चट्टोपाध्याय, पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. उमा शंकर राय, पूर्व महासचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव, सीएमपी महाविद्यालय शिक्षक संघ की पूर्व अध्यक्ष हेमलता श्रीवास्तव, सीएमपी डिग्री कॉल्ेज में जंतु विज्ञान के पूर्व समन्वय प्रदीप कुमार वर्मा एवं अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व समन्वयक डॉ. दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने विजिटर को पत्र लिखा है।