लंदन के हिथ्रो हवाईअड्डे से मुंबई जाने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट में सवाल 246 लोग उस समय बाल-बाल बच गए जब बोइंग 777-300 ईआर विमान उड़ान भरने के बाद संभावित ऊंचाई नहीं प्राप्त करने में नाकाम रहा। सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार पायलट उड़ान भरने के लिए रनवे का पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं कर सका, जिस वजह से यह खतरनाक हालात पैदा हुए। इस तरह की घटना 30 अगस्त को भी हुई थी। घटना के समय दो पायलट समेत 231 यात्री और चालक दल के 15 सदस्य विमान में सवार थे। जेट एयरवेज ने बयान जारी कर कहा है कि इस घटना से किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है।
उधर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए इसकी विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के लिए जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में दो सदस्यीय कमेटी का गठन का किया गया है। कमेटी के दूसरे सदस्य हैं राजन भटनागर। दोनों एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (एएआईबी) के सहायक निदेशक हैं।