सेना के उड़ी बेस पर हुए आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (एनआईए )करेगी। एनआईए की टीम ने आतंकियों से बरामद दो जीपीएस, दो नक्शे की शीट, मैट्रिक्स शीट, एक मोबाइल फोन तथा कुछ दवाओं और खाने-पीने के सामानों के नमूने को अपनी कस्टडी में ले लिया है। जांच एजेंसी के सूत्रों को आतंकियों से बरामद जीपीएस पर पूरा भरोसा है माना जा रहा है कि इसके जरिए पाकिस्तान में स्थित उनकी जड़ तक पहुंचा जा सकता है।
भारत इस हमले के बाद आतंकियों से मिले सबूत की जांच में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की भी मदद ले सकता है। सूत्र बताते हैं कि इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, ताकि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब किया जा सके।
इससे पहले पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले की जांच में भी अमेरिकी एजेंसियों की सहायता ली गई थी। गृहमंत्रालय के प्रवक्ता केएस धतवालिया ने उड़ी आतंकी हमले की जांच एनआईए द्वारा किए जाने की पुष्टि की है। उच्च स्तर पर तय किया गया है कि सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जांच-पड़ताल में एनआईए की मदद करेगी।