कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी को महासचिव और पूर्वी यूपी की पार्टी प्रभारी बनाकर माहौल गर्मा दिया है।पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब प्रियंका गांधी लोकसभा टिकट देने के लिए नए मापदंड तैयार करेंगी। कम से कम पूर्वी यूपी की 42 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का चयन प्रियंका गांधी की सिफारिश पर होगा। इससे पहले कांग्रेस पार्टी के प्रभारी रहे गुलाम नबी आजाद ने पहले चरण में करीब 35 सीटों का चयन कर वहां कार्यकर्ताओं से फीडबैक शुरू कर दिया था। करीब एक दर्जन सीटों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन हो चुके थे। अब प्रियंका गांधी के आने के बाद नए सिरे से उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया शुरू होगी।
बता दें कि पूर्वी यूपी के नौ मंडलों की 42 सीटें प्रियंका गांधी के हिस्से आएंगी। इन मंडलों में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, बरेली, झांसी, कानपुर, चित्रकूट और आगरा शामिल हैं। दूसरे प्रभारी सचिन पायलट के हिस्से में पश्चिमी उत्तरप्रदेश यानी लखनऊ, फैजाबाद, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर, बनारस, आजमगढ़, मिर्जापुर और इलाहबाद शामिल हैं।
पश्चिमी यूपी में 38 सीट आती हैं। यूपी के पूर्व पार्टी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने लोकसभा प्रत्याशियों का चयन करने के लिए एक प्रक्रिया शुरु की थी। इसके पहले चरण में 35 सीटों का चयन किया गया। हर सीट पर पार्टी के नए-पुराने कार्यकर्ताओं को एकत्रित कर उनके मन की बात जानने का प्रयास शुरू हुआ। करीब दर्जनभर सीटों पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के सुझाव लेकर उन पर सोच-विचार किया गया।
इन बैठकों में करीब साढ़े तीन-चार हजार कार्यकर्ता शामिल थे। खासतौर पर, पिछली बार चुनाव लड़े सभी प्रत्याशियों का बॉयोडाटा लिया गया। गत सप्ताह पार्टी ने एकाएक प्रियंका गांधी को पूर्व यूपी का प्रभार सौंपने की घोषणा कर दी। इसके चलते उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया बंद कर दी गई। यह कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी अपने स्तर पर प्रत्याशियों के चयन के मापदंड तय करेंगी। प्रियंका गांधी के लिए बैठकों का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।