बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण मामले पर पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गरमाई हुई है। आज भी विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में बिहार के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया है कि वे ही सदन नहीं चलाना चाहते। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता। प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ संसद परिसर में बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण मामले पर विरोध प्रदर्शन भी किया।
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प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा
प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'जब भी विपक्ष के नेता सदन में बोलना चाहते हैं तो उन्हें बोलने की इजाजत नहीं दी जाती। हम चर्चा की मांग कर रहे हैं और उन्हें ये मांग माननी चाहिए। बीते सत्र में मैं ये देखकर हैरान रह गई कि सत्ता पक्ष ने सदन में हंगामा शुरू किया। उन्होंने एक मुद्दे को पकड़ा ताकि विपक्ष उस पर प्रतिक्रिया दे। जिससे हंगामा हुआ और सदन की कार्रवाई स्थगित हो गई। अगर ये उन्हें सही लगता है तो फिर ठीक है।'
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बिहार के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा विपक्ष
गौरतलब है कि विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमले, बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण मामले पर सदन में चर्चा की मांग कर रहा है। सरकार ने अगले हफ्ते ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की बात कही है, लेकिन विपक्ष बिहार के मुद्दे पर चर्चा की मांग पर अड़ा है। इसे लेकर आज भी विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्ष के कई सांसद शामिल हुए।
तेजस्वी यादव ने दी चुनाव बहिष्कार की धमकी
वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी है कि अगर मतदाता सूची पुनरीक्षण के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो वे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि 'जब पहले ही लाखों मतदाताओं के नामों को मतदाता सूची से हटाने का फैसला कर लिया गया है, जबकि पहले इन्हीं लोगों ने पूर्व में पीएम मोदी को वोट दिया और सरकार के भाग्य का फैसला किया, तब सब सही था। हम पूछते हैं कि अब ये अचानक से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मामला कहां से उठ गया। इसका मतलब है कि सत्ता में बैठे लोग ही कह रहे हैं कि वे धोखेबाजी से सत्ता में आए हैं। जब उन्होंने बेईमान होने का फैसला कर लिया है तो हम चुनाव के बहिष्कार की बात तो कर ही सकते हैं। हमारे पास ये विकल्प है।'