मां सोनिया गांधी और भाई राहुल पर जब भी राजनीतिक हमला और पार्टी का प्रदर्शन खराब हुआ प्रियंका उनके साथ साए की तरह खड़ी दिखीं। पति रॉबर्ट वाड्रा पर कानूनी शिकंजा और सीधे राजनीतिक हमलों के बाद प्रियंका ने ये लड़ाई खुद लडने का फैसला लिया। तीन राज्यों में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के बाद प्रियंका का असमंजस दूर हो गया। विदेश जाने से पहले पार्टी अध्यक्ष भाई को अपने फैसले की जानकारी देकर गईं। सक्रिय राजनीति में आने की जानकारी सिर्फ राहुल गांधी और मां सोनिया गांधी को थी।
यूपी को लेकर धमाका करुंगा ये बात पिछले सप्ताह राहुल गांधी ने पार्टी के कुछ खास नेताओं से कही थी। ये खबर कांग्रेस मुख्यालय में घूम भी रही थी लेकिन ये माना जा रहा था कि प्रदेश अध्यक्ष या प्रभारी का बदलाव होना है। दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं की सालों पुरानी मांग मानकर एक साथ कई मैसेज दिए हैं।
प्रियंका को सामने कर कांग्रेस महिला सशक्तिकरण के माध्यम से आधी आबादी के सरोकारों और उनकी समस्याओं को उठाकर अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करेगी। वहीं युवा चेहरे के तौर पर प्रियंका के आने से महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई की सक्रियता युवाओं बढ़ेगी।