कांग्रेस में चले अंतर्कलह और असंतोष की लंबी लड़ाई के बाद पार्टी आखिरकार एकजुट हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस में उस कड़ी के रूप में उभरीं, जिसने पार्टी में तनाव को कम करने की कोशिश की है। प्रियंका को लेकर बताया गया है वह दिवंगत कांग्रेसी नेता अहमद पटेल के रूप में कार्य कर रही हैं। पटेल को अक्सर ही कांग्रेस में अंतर्कलह को समाप्त करने वाले नेता के तौर पर देखा जाता था।
अगस्त में हुई सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद कांग्रेस में अंतर्कलह की खबरें सामने आईं। नेतृत्व परिवर्तन के लिए सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले लोगों पर खासा हमला बोला गया। लेकिन इस दिशा में सुलह के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। सूत्रों ने बताया कि प्रियंका ने संकट देख इसका समाधान निकालने के लिए कदम बढ़ाया। इस तरह वह लंबे समय तक कांग्रेस में अंतर्कलह का निपटान करने वाले दिवंगत नेता अहमद पटेल के नक्शेकदम पर चल रही हैं।
बताया गया है कि प्रियंका ने पिछले महीने जी-23 में प्रमुख नेताओं संग बातचीत की और खाई को पाटने का काम किया। उन्होंने पटेल को श्रद्धांजलि देने के लिए बुलाई गई सीडब्ल्यूसी की बैठक में एकता का आग्रह करके और पुरानी बातों को भूलने का आह्वान किया।
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मिली जानकारी के अनुसार, प्रियंका गांधी के प्रयास का ही नतीजा था कि शनिवार को कांग्रेस नेताओं की बैठक हो पाई। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल थे। यहां तक कि पार्टी से असंतुष्ट चल रहे लोगों ने भी कहा कि बैठक रचनात्मक थी। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद एक संकल्प पर पहुंचा गया है, जो पार्टी के संतुलन को वापस लाने में मदद करेगा।
शनिवार को हुई बैठक के दौरान, कांग्रेस नेताओं समेत जी-23 के नेताओं ने भी यह बात स्वीकार की कि प्रियंका ने हम तक पहुंचने की पहल की। बताया गया कि प्रियंका ने राहुल संग 10, जनपथ पहुंचे नेताओं को बैठक स्थल पहुंचाया और उन सभी के साथ चर्चा की।
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