कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुत्री प्रियंका गांधी वाड्रा से जुड़े विवादित जमीन सौदा मामले में सरकार ने सीधी प्रतिक्रिया दी है। सरकार के दो मंत्रियों ने कहा है कि केंद्र सरकार हर उस मामले का निष्पक्ष जांच कराएगी, जिसमें भ्रष्टाचार का जरा भी संदेह होगा।
मीडिया में प्रियंका जमीन सौदा विवाद मामला सामने आने के बाद शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति की याद दिलाई।
नकवी ने प्रियंका का नाम लिए बिना कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में रत्ती भर भी समझौता नहीं करने की नीति पर चल रही है। सरकार के तीन साल के कार्यकाल के दौरान किसी पर भ्रष्टाचार के छींटे न आना इसका गवाह है। नकवी ने कहा कि चाहे मामले किसी से भी जुड़ा हो। मामले से जुड़ा व्यक्ति कितना भी ताकतवर क्यों न हो, केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के एक-एक मामले की जांच कराएगी।
प्रियंका ने दी थी सफाई
प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा फरीदाबाद के एक गांव अमीपुर में 28 अप्रैल, 2006 को 5 एकड़ कृषि भूमि खरीदने की बात मीडिया में सामने आने के बाद यह विवाद खड़ा हुआ। मीडिया ने यह तथ्य उजागर किया था कि प्रियंका ने यह जमीन अपने पति रॉबर्ट वाड्रा को डीएलएफ जमीन सौदे में मिले रुपये से खरीदी थी।
इस पर सफाई देते हुए प्रियंका ने कहा था कि उन्होंने यह जमीन अपने पैसे से खरीदी थी। इससे उनके पति या उनकी कंपनी स्काईलाइट के पैसे से कुछ लेना देना नहीं है। प्रियंका ने बताया था कि उन्हें अपनी दादी इंदिरा गांधी से विरासत में मिली संपत्ति की रेंटल इनकम से उन्होंने यह 5 एकड़ जमीन खरीदी थी।
प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा पर उठे सवालों को लेकर बिफरी कांग्रेस
प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा को लेकर उठे सवालों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय पर हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों को फंसाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में बाकायदा एक सेल बनाया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगर सरकार ने रिपोर्ट लीक नहीं करवाई तो ढींगरा आयोग ने खुद रिपोर्ट लीक की होगी।