कर्नाटक के ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि वह उनकी निर्धारित अमेरिका यात्रा पर रोक को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगेंगे। उन्होंने कहा कि जब वह वापस बंगलूरू आएंगे, तब इस मुद्दे को लेकर भारत सरकार से बातचीत करेंगे।
कर्नाटक के ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खरगे ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका जाने की उनकी योजना पर रोक लगाने को लेकर वह केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगेंगे। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल सार्वजनिक बयान देने से बच रहे हैं। लेकिन जब वह बंगलूरू लौटेंगे तो इस मुद्दे पर सरकार से पूछताछ करेंगे।
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इस मुद्दे पर मीडिया में चल रही खबरों पर जवाब देते हुए खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'मैं अभी कोई सार्वजनिक बयान देने से बच रहा हूं। जब मैं बंगलूरू वापस आ जाऊंगा, तब मैं भारत सरकार से इस फैसले पर स्पष्ट स्पष्टीकरण मांगूंगा।' बता दें कि प्रियांक को अमेरिका में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था।
हमने किसी को बलि का बकरा नहीं बनाया: खरगे
इससे पहले, 6 जून को बंगलूरू में भगदड़ की दुखद घटना पर खरगे ने कहा था कि जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि हमने किसी को बलि का बकरा नहीं बनाया है। हमारी अगली कार्रवाई मजिस्ट्रेटी जांच के निष्कर्षों पर होगी।
भाजपा की आलोचना पर खरगे ने किया पलटवार
भाजपा की आलोचना का जवाब देते हुए खरगे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा चाहती है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री इस्तीफा दें, तो फिर उसी तर्क से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी इस्तीफा देना चाहिए। अमित शाह को पहलगाम हमले के लिए, एस जयशंकर को विदेश नीति की विफलता के लिए और पीएम मोदी को देश को गुमराह करने के लिए इस्तीफा देना चाहिए।
खरगे ने माना- राज्य सरकार बेहतर योजना बना सकती थी
खरगे ने यह भी माना कि राज्य सरकार बेहतर योजना बना सकती थी। उन्होंने कहा, 'हां, हम चीजों को और बेहतर तरीके से कर सकते थे, और हम इस पर काम कर रहे हैं।' यह बयान तब आया है जब खरगे ने स्वीकार किया कि एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी, उसे बेहतर योजना और समन्वय से टाला जा सकता ता।