संसद के मॉनसून सत्र में निजी क्षेत्र को लिथियम सहित छह परमाणु खनिजों और सोने-चांदी जैसे खनिजों के खनन की अनुमति देने वाला विधेयक बुधवार को राज्यसभा में पारित हो गया। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023 पेश किया। विधेयक को संसद के उच्च सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसे पिछले महीने लोकसभा ने मंजूरी दे दी थी
मणिपुर पर मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है और संसद का मानसून सत्र काफी हंगामेदार गुजर रहा है। इससे पहले, सभी 12 परमाणु खनिज राज्य के स्वामित्व वाली संस्थाओं द्वारा खनन और अन्वेषण के लिए आरक्षित थे। इस बिल ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन किया है।
निजी क्षेत्र की खोज के लिए खोले जाने वाले परमाणु खनिज लिथियम (इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण उपकरणों के लिए बैटरी के निर्माण के लिए उपयोग किया जाता है), बेरिलियम, नाइओबियम, टाइटेनियम, टैंटलम और जिरकोनियम हैं। यह विधेयक केंद्र सरकार को कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विशेष रूप से खनन पट्टे और मिश्रित लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार देता है।
गहराई में पाए जाने वाले खनिजों में सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, निकल, कोबाल्ट, प्लैटिनम समूह के खनिज और हीरे शामिल हैं। सतही या थोक खनिजों की तुलना में इनका पता लगाना और खनन करना कठिन और महंगा है।
मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा हुई। विपक्ष सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बयान देने की मांग करता रहा और बाद में उन्होंने वाकआउट कर दिया। आदित्य प्रसाद (भाजपा), बाबूराम निषाद (भाजपा), दीपक प्रकाश (भाजपा), जीके वासन टीएमसी (एम), वी विजयसाई रेड्डी (वाईएसआरसीपी), एम थंबीदुरई (एआईएडीएमके) और सस्मित पात्रा (बीजेडी) सहित 11 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया और बिल का समर्थन किया।
2023 के पहले छह महीनों में 36 वेबसाइटों को हैकिंग की घटना सामने आई
केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों के तहत मंत्रालयों और विभागों की कम से कम 36 वेबसाइटों को 2023 के पहले छह महीनों में हैकिंग की घटनाओं का सामना करना पड़ा। साइबर सुरक्षा निगरानी संस्था सीईआरटी-इन ने इन घटनाओं पर नजर रख रही है। लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि CERT-In द्वारा कुल 1,12,474 साइबर सुरक्षा घटनाओं को ट्रैक किया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि 2023 की पहली छमाही में वित्तीय संस्थानों से संबंधित 4.29 लाख से अधिक साइबर सुरक्षा घटनाएं हुईं।