विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही निजी मार्शल टीटीई के साथ टिकटों की चेकिंग करेंगे। बिना टिकट यात्रा करने वाले मुसाफिरों को रेलवे पुलिस के हवाले करेंगे। हालांकि इन मार्शल को सिर्फ प्लेटफॉर्म टिकट जांचने का अधिकार होगा। बेंगलुरु के बाद राजधानी के आनंद विहार सहित चार स्टेशनों का प्रबंधन इसी महीने से निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पहली बार ‘इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट’ शुरू किया गया है जिसके तहत पार्किंग, प्लेटफॉर्म टिकट, खानपान सेवाएं, विज्ञापन, साफ सफाई, साज सज्जा, प्रतीक्षालय, विश्रामगृह आदि का प्रबंधन एकीकृत ढंग से किया जाएगा। यह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के मॉडल पर काम करेगा।
रेल मंत्रालय देश में करीब 50 स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं देने के लिए उन्हें विकसित कर रहा है। इनमें 43 स्टेशन तय हो चुके हैं। इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरएसडीसी) के अनुसार इन स्टेशनों को दो मॉडल इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कॉर्पोरेशन (ईपीसी) और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत विकसित किया जाएगा।
इनमें से जो स्टेशन ईपीसी के तहत डेवलप किए जाएंगे, वहां पर प्लेटफार्म टिकट बिक्री का अधिकार आईआरएसडीसी के पास होगा। आईआरएसडीसी के एमडी एसके लोहिया ने बताया कि ऐसे में इन टिकटों की जांच के लिए प्राइवेट कंपनियों से मार्शल को लिया जाएगा। ये मार्शल शिक्षित और यात्रियों की जांच के लिए विशेष प्रशिक्षण के बाद तैनात किए जाएंगे।
निजी कंपनी के हाथ पार्किंग और प्लेटफॉर्म टिकट
निजी कंपनी को प्लेटफॉर्म टिकट और पार्किंग की दर तय करने का अधिकार होगा। कंपनी को प्लेटफॉर्म पर निजी खानपान के स्टॉल लगाने एवं खानपान की वस्तुओं के दाम पर डेवेलेपमेंट शुल्क तथा शौचालयों के उपयोग पर भी शुल्क लगाने की छूट दी सकती है।
निजी कंपनियों के मार्शल करेंगे भीड़ काबू
निजी कंपनी टिकट की जांच के लिए मार्शलों की तैनाती करेगी ताकि यात्रियों के टिकट की ‘ठीक’ से जांच की जा सके और बिना टिकट यात्रियों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि मार्शल एक प्रकार के निजी गार्ड होंगे जो रेल सुरक्षा बल के साथ समन्वय में काम करेंगे। ये यात्रियों की भीड़ को भी नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
इन स्टेशनों पर तैनात हो सकते हैं मार्शल
विश्व स्तरीय सुविधाओं के लिए चयनित स्टेशन में इंदौर, उदयपुर, भुसावल, वर्धा, जालंधर, लुधियाना, गुड़गांव, दिल्ली कैंट, आदर्श नगर दिल्ली, फरीदाबाद, अंबाला कैंट, अंधेरी, बोरीवली, कल्याण, अहमदाबाद, बोकारो स्टील सिटी, मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनल, रांची, अजमेर, जयपुर, गांधी नगर-जयपुर, आगरा कैंट, इलाहाबाद शामिल हैं।