भारत के बैंकों का करोड़ों रुपये लेकर विदेश में रह रहे शराब कारोबारी विजय माल्या के भारत की जेलों पर सवाल उठाने के बाद अब अब मुंबई की आर्थर रोड जेल में खास तरह से सेल बनाए जाएंगे। बता दें माल्या की वकील क्लेयर मोंटगोमेरी ने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में गवाह के तौर पर जेल सेवाओं के विशेषज्ञ डॉ ऐलन मिशेल को पेश किया था। वहां कहा गया था कि भारतीय जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होते हैं और उनमें साफ-सफाई भी ठीक से नहीं होती है।
जेल अधिकारियों का कहना है कि जेल में बनने वाले सेल यूरोप और ब्रिटेन की जेल की तरह मानवाधिकारों के मानकों को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएंगे। इस समय वहां बहुत ही कम ऐसे सेल हैं जो वैश्विक मानकों को पूरा करते हैं। लेकिन अब इस 93 साल पुरानी बिल्डिंग की जगह एक नई बिल्डिंग बनई जाएगी। जिसमें आधुनिक सेल होंगे। इन सेलों में प्रत्यर्पित तस्करों और विदेशों में छिपे आरोपियों को रखा जाएगा।
अधिकारी ने कहा कि भारत में आरोपियों के प्रत्यर्पण का विरोध करने वालों के आरोपों के बाद अब नई बिल्डिंग ही एक आखिरी रास्ता है। ताकि भगोड़े कारोबारियों को प्रत्यर्पित कर वापस लाया जा सके। यह नई तरह की सेल पूरी तरह से साफ होंगी। इनका आकार बड़ा होगा और सूरज व रोशनी की भी सुविधा होगी। माल्या, नीरव और मेहुल जैसे भगोड़ों को भारत लाने के लिए विदेशों में केस चल रहे हैं। जिनमें इनके वकील कहते हैं कि भारत की जेलों की स्थिति अच्छी नहीं है। लेकिन इन सब सुधारों के बाद इन्हें भारत वापस लाने में परेशानी नहीं होगी।
गौरतलब है कि सीबीआई ने ब्रिटेन की अदालत को आर्थर रोड जेल की सेल नंबर 12 का वीडियो सौंप दिया था, जहां विजय माल्या को रखने की योजना है। अदालत को सौंपे वीडियो में बताया गया है सेल नंबर 12 पूर्व मुखी है और उसमें सूर्य की पर्याप्त रोशनी है। साथ ही उसमें निजी शौचालय, बाथरूम और टीवी सेट लगा है। यह इतना बड़ा है कि उसमें टहला भी जा सकता है।
सीबीआई अधिकारी माल्या के भारत प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटे हैं। दरअसल विजय माल्या ने लंदन की अदालत से शिकायत की थी कि आर्थर रोड जेल में प्राकृतिक रोशनी और हवा नहीं आती और वह गंदा भी है। माल्या की शिकायत पर ही जज ने भारतीय अधिकारियों से तीन हफ्ते में आर्थर रोड जेल का वीडियो सौंपने को कहा था।