K. VijayRaghavan, Principal Scientific Adviser of India
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ब्रिटेन सहित दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत में भी कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से ग्रस्त मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो.के विजयराघवन ने लोगों से अपील की है कि इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। इस नए बदलाव से कोरोना वायरस के टीका पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अब तक वैज्ञानिक तौर पर साक्ष्य नहीं मिले हैं कि नए स्ट्रेन की वजह से टीका पर कोई असर पड़ सकता है। मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस में प्रो. विजयराघवन ने कहा कि कोरोना के स्पाइ प्रोटीन में 17 तरह के बदलाव देखने को मिल चुके हैं लेकिन इनमें से केवल आठ बदलाव गंभीर हैं। हालांकि इन बदलावों की वजह से संक्त्रस्मित मरीजों पर कोई बड़ा असर दिखाई नहीं दिया है।
यह बदलाव अब तक लैब में वैज्ञानिकों को मिले हैं। जमीनी स्तर पर इन बदलावों का कोई बड़ा असर नहीं मिला है। दक्षिणी अफ्रीका के वैरिएंट में प्रसार की क्षमता अधिक है। इन्हें लेकर चिंता जरूर है, लेकिन लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि यूके में पिछले कुछ दिनों में रोजाना मिलने वाले संक्रमित मरीजों में से 80 फीसदी तक में नया स्ट्रेन मिल रहा है।
इसके तेजी से फैलने की वजह से सतर्कता बेहद जरूरी है। वहीं नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल का कहना है कि लोगों को घबराने से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना वायरस को लेकर भले ही रोजाना नए मामले कम आ रहे हैं, लेकिन सतर्कता नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। ब्रिटेन से आने वालों की निगरानी अभी भी चल रही है। राज्यों में इनकी जांच हो रही है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि आगामी दिनों में शायद और भी ऐसे केस मिल सकते हैं जिनमें कोरोना का नया स्ट्रेन मिले। इसलिए जरूरी है कि लोगों को अपनी ओर से सतर्कता के पूरे नियमों का पालन करना चाहिए।