भाजपा नेता और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति के चार करोड़ से ज्यादा छात्रों को मैट्रिक के बाद छात्रवृत्ति का लाभ देगी। छात्रों को यह लाभ अगले पांच वर्षों के दौरान मिलेगा। पहले यह लाभ केवल 60 लाख छात्रों को मिलता था। छात्रवृत्ति की राशि अब सीधे छात्रों के खाते में जमा होगी।
गहलोत ने पत्रकारों को यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने इस योजना में अपना शेयर बढ़ाकर 60 फीसदी करने का फैसला किया। इसके तहत गरीब छात्रों को वित्तीय सहायता देने के लिए 2025-26 तक 59,048 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले के फॉर्मूले के तहत पिछले दो सालों में केंद्र सरकार ने केवल 1,100 करोड़ रुपये सालाना खर्च किए। अब मोदी सरकार ने उस फॉर्मूले को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि कई राज्य छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं देते या उस राशि को किसी अन्य काम में खर्च कर देते हैं, जिसके कारण बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों की संख्या बढ़ी है।