जाट आरक्षण आंदोलन की आग एक बार फिर से भड़कने की आशंकाओं केबीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को हर हाल में कानून व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया है। फोन पर हुई बातचीत में पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में पिछली गलतियां नहीं दुहराई जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने इसी मामले में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी बातचीत कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। राज्य सरकार को हिंसा प्रभावित इलाकों के अलावा मुनक नहर की सुरक्षा पर खास ध्यान देने का भी निर्देश दिया गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राज्य में अर्द्घसैनिक बलों की 30 कंपनियां भेजी गई हैं।
गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त कंपनियों को भी जरूरत पड़ने पर तत्काल भेजे जाने की व्यवस्था की है। गौरतलब है आरक्षण आंदोलन के दौरान राज्य में हुई भीषण हिंसा में करीब 30 लोग मारे गए थे। इस दौरान आंदोलनकारियों ने समुदाय विशेष के लोगों को चुन चुन कर निशाना बनाया और जम कर आगजनी की थी। आंदेलन के कारण रेल और सड़क यातायात ठप हो गया था।
सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोहपर में पीएम मोदी ने खट्टर और राजनाथ से बारी बारी से बातचीत की। खट्टर से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने आरक्षण आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था को हर कीमत पर बहाली का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने आरक्षण के सिलसिले में राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री से साफ शब्दों में कहा कि नए सिरे से अगर आंदेलन होता है तो राज्य में पिछली बार की तरह किसी भी सूरत में अराजक स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री खट्टर ने पीएम मोदी को बताया कि हिंसा भड़कने की स्थिति में प्रशासन को कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया जा चुका है।
पहले ही साफ कर दिया है कि हिंसा करने वालों केखिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तत्काल बाद पीएम मोदी ने गृह मंत्री से बातचीत कर सुरक्षा तैयारियों की जानकारी ली। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री ने उन्हें बताया कि राज्य सरकार से प्राप्त अनुरोध के आधार पर सूबे में पर्याप्त अर्द्घसैनिक बल भेजे गए हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल कई और कंपनियां भी कूच करने केलिए तैयार हैं। गृह मंत्री ने भी हिंसा की संभावना वाले राज्यों और मुनक नहर की सुरक्षा बढ़ाने की खट्टर सरकार को हिदायत दी है। गौरतलब है कि आरक्षण के लिए जाट बिरादरी की ओर से सरकार को दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम बृहस्पतिवार को खत्म हो गया है।