विशेष पुलिस उपनिरीक्षक एम षणमुगवेल की हत्या के एक मुख्य संदिग्ध को पुलिस ने गोली मार दी। दरअसल, वह एक पुलिस उपनिरीक्षक पर हमला करने के बाद भागने की कोशिश कर रहा था। उसकी पहचान मणिगंदन के रूप में हुई है। उसे पुलिस दल ने उस निजी खेत के पास एक सुनसान जगह से पकड़ा, जहां उसने, उसके भाई और उनके पिता ने 5 अगस्त की रात शराब के नशे में हुए झगड़े के दौरान षणमुगवेल पर जानलेवा हमला किया था और भाग निकले थे।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के गुडीमंगलम गांव में खेत के पास उसके ठिकाने से मणिगंदम को पकड़ने वाली एक पुलिस टीम उसे हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद करने के लिए एक स्थान पर ले गई। हालांकि, घटनास्थल पर पहुंचने पर मणिगंदन ने एक उपनिरीक्षक पर दरांती से हमला किया और भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम में शामिल एक अन्य पुलिस अधिकारी ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी।
अधिकारी ने बताया, 'जब उसने इनकार कर दिया, तो एसआई को चिक्कनूर के पास उप्पारू नाले के पास संदिग्ध पर गोली चलानी पड़ी।' मणिगंदन की मौके पर ही मौत हो गई। घायल एसआई सरवण कुमार को इलाज के लिए उदुमलाईपेट्टई सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके भाई थंगापांडियन और पिता मूर्ति 6 अगस्त को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं। वे अन्नाद्रमुक विधायक सी महेंद्रन के खेत में काम करते थे।