5-8 फरवरी को हर दो साल पर देश में आयोजित होने वाला डेफ एक्सपो इस बार लखनऊ में हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद डेफएक्सपो 2020 को लेकर काफी उत्साहित हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षा उत्तर प्रदेश में डिफेंस कारिडोर विकसित करने की है। केंद्र और राज्य सरकार इस योजना को अंतिम रूप दे रही है।
रक्षा मंत्रालय सूत्रों के अनुसार डेफ एक्सपो 2020 दो साल पहले 2018 में चेन्नई में हुए डेफ एक्सपो से बड़ा होगा। 2018 में देश की 702 देश की कंपनियों ने हिस्सा लिया था। 284 विदेशी डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया था। 160 अंतरराषट्रीय कंपनियों ने इसमें अपने रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन किया था। 492 स्टार्ट अप ने भी अपने हुनर दिखाए थे। मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार 900 देश की रक्षा कंपनियों ने डेफ एक्सपो में खुद का पंजीकरण कराया है।
रूस, अमेरिका, फ्रांस, इ,स्राइल, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों की रक्षा कंपनियां अपने साजो-सामान, तकनीक का प्रदर्शन करेंगी। भारतीय वायुसेना 110 मध्यम बहुउद्देश्यीय अत्याधुनिक फाइटर जेटों की जरूरत बताई है। केन्द्र सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय आमंत्राण प्रस्ताव मंगाए जा रहे हैं। वैसे भी भारत चीन और पाकिस्तान दोनों ही अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में निगरानी, सतर्कता के उपकरणों की मांग बढ़ी है। इस लिहाज से डेफ एक्सपो 2020 काफी अहम है।