शरद यादव के साझा विरासत बचाओे सम्मेलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का भाषण एक बार फिर मोदी सरकार और संघ परिवार पर केंद्रित रहा। राहुल ने न सिर्फ मोदी सरकार की घोषणाओं और वादों पर तंज कसा, बल्कि संघ परिवार की देशभक्ति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने देश के विभिन्न संस्थानों में संघ पृष्ठभूमि के लोगों को रखे जाने का आरोप लगाया। राहुल ने समूचे विपक्ष से सरकार के खिलाफ मिलकर लड़ने का आह़वान किया।
राहुल ने कहा कि इन लोगों ने तिरंगे को सैल्यूट (सलामी) करना भी सत्ता में आने के बाद सीखा है। संघ के लोग जानते हैं कि वे अपनी विचारधारा के आधार पर चुनाव नहीं जीत सकते हैं इसलिए विभिन्न जगहों पर अपने लोगों को बैठा रहे हैं।
संघ के सबसे बड़े नेता ब्रिटिश सरकार में लड़ नहीं सके थे। उनके एक नेता ने ब्रिटिश सरकार को चिट्ठी लिखकर जेल से छोड़ने को कहा था। राहुल ने कहा कि अगर देश को इनके हाथों से बचाना है तो हमें एक साथ मिलकर लड़ना होगा। प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत बनाना चाहते हैं जबकि हम सच भारत बनाना चाहते हैं।
राहुल ने कहा कि मोदी जी ने सत्ता में आने से पहले खूब वादे किए जो आज तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने लोगों के बैंक खातों में 15 लाख रुपये आने और युवाओं को हर साल दो करोड़ रोजगार देने की घोषणा की।
संसद में केंद्र सरकार ने माना कि पिछले साल मात्र एक लाख लोगों को रोजगार दिया। किसानों को अपने साथ करने के लिए ऋण माफी का वादा किया लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में ऋण माफी से इनकार करते हैं। सरकार ने करोड़पतियों का कर्ज तो माफ कर दिया है लेकिन तमिलनाडु के किसान जंतर-मंतर पर नंगे होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि मोदीजी ने सैनिकों से वन रैंक वन पेंशन का वादा किया, वह भी पूरा नहीं हुआ। मोदी जी ने पूरा देश 15-20 कारोबारियों के हाथों में दे दिया है। ये लोग ही देश चला रहे हैं और मोदी जी की मार्केटिंग कर रहे हैं।
राहुल ने कहा कि हमेशा सच की ही जीत होती है, सामने चाहे मोदी हो या कोई और। राहुल ने खुद पर हुए हमले पर कहा कि गुजरात में जिन्होंने मेरे ऊपर पत्थर फेंके, मैंने उनसे बात करनी चाही। जब मैं रुका तो पत्थर फेंकने वाले भाग गए।
कांग्रेस ने बताया यादव की जेडीयू को असली
कार्यक्रम में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि शरद यादव के नेतृत्व वाली जेडीयू ही असली जेडीयू है। उन्होंने कहा कि नीतीश वाली जेडीयू बीजेपी की है।
उन्होंने कहा कि आज अंग्रेज तो नहीं हैं लेकिन उनके समर्थक बचे हुए हैं जो भारत छोड़ो आंदोलन के समय में शामिल नहीं हुए थे। आज जो समय चल रहा है, वह इमरजेंसी का बाप है। जासूसी के लिए टॉयलेट में भी माइक्रोफोन लगाए हुए हैं। लोग सड़क पर बात करने भी डरते हैं।