देशभर बुधवार यानी 5 अक्टूबर को धूमधाम के साथ दशहरा 2022 के त्योहार को मना रहा है। दशहरा को विजयदशवी नाम से भी जाना जाता है। इस दिन को अधर्म पर धर्म की विजय और असत्य पर सत्य की जीत का दिन माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दशहरा की शुभकामनाएं दी हैं।
विजयदशमी के माैके पर प्रधानमंत्री ने दी करोड़ों की सौगात
विजयदशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हिमाचल में करोड़ों के प्रोजेक्टों की सौगात दी, वहीं वह प्रदेश की लोक व देव संस्कृति के भी कायल हो गए। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में शामिल होने के बाद एक के बाद एक सात ट्वीट किए और देवी-देवताओं के महाकुंभ के फोटो भी शेयर किए। पीएम ने कहा, हिमाचल, उत्सवों, पर्वों, त्योहारों का प्रदेश है। इन उत्सवों की एक और विशेषता है कि ये देव और लोक का अद्भुत संगम होते हैं। इनमें आस्था भी होती है और गीत-संगीत-नृत्य-व्यापार जैसे लोकजीवन के पहलू भी रहते हैं। समय के साथ कुल्लू सहित पूरा हिमाचल प्रदेश बदला है, लेकिन मुझे संतोष है कि यहां के लोगों ने अपनी संस्कृति को और अधिक सशक्त किया है। हमारी असली विरासत हमारी संस्कृति और लोकजीवन है, जो हजारों वर्षों से हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते आ रहे हैं। हम दुनिया में कहीं भी रहें, इसकी पहचान हमें हमारी ये विरासत ही कराती है।
एम्स का दिया तोहफा
बिलासपुर से प्रदेश की जनता को 1471 करोड़ रुपये की लागत से बने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का तोहफा दिया। पीएम ने एम्स के सी ब्लॉक से इसका लोकार्पण किया। इसके बाद लुहणू मैदान में जनसभा के दौरान मंच से रणसिंघा बजाकर विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी शंखनाद भी किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने विकास को रोके रखा, लेकिन हमारी सरकार की पहचान है कि जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करती है, उसका लोकार्पण भी करती है। अटकने, लटकने और भटकने के दिन चले गए। बिलासपुर के बाद पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव में पहुंचकर भगवान रघुनाथ का आशीर्वाद भी लिया। भारी भीड़ के बीच से होकर मोदी रघुनाथ के रथ तक पहुंचे और करीब सात मिनट भगवान के आगे नतमस्तक रहे। इसके बाद मंच पर जाकर 10 मिनट तक हाथ जोड़कर रथ यात्रा को निहारते रहे। मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जो कुल्लू दशहरा में पहुंचे हैं।