प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवादास्पद बयानों के लिए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को तलब किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री को 2 मई को दिल्ली में प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के लिए बुलाया गया है।
बता दें कि बीते कई दिनों से बिप्लब देव विवादास्पद बयानों के जरिए सुर्खियों में छाए हुए हैं। महाभारत काल में इंटरनेट होने का दावा करने वाले देब ने शनिवार को एक अनूठा बयान दिया है।
उन्होंने कहा है कि मेकैनिकल इंजीनियरों को सिविल सेवा में नहीं जाना चाहिए, लेकिन सिविल इंजीनियरों को ऐसा करना चाहिए। यहां सिविल सेवा दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही।
देब ने कहा कि पहले आर्ट्स की पढ़ाई करने वाले सिविल सेवा में जाते थे। उसके बाद डॉक्टर व इंजीनियर इनमें जाने लगे। लेकिन मेकैनिकल इंजीनियरों को सिविल सेवाओं में नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियर ऐसा कर सकते हैं। इसकी वजह है कि समाज के निर्माण में प्रशासन में उनकी भूमिका और ज्ञान काफी उपयोगी होगा।
'शर्म करो, मुझे मेरे सांवले रंग पर गर्व है'
मुख्यमंत्री देब ने पूर्व मिस वर्ल्ड डायना हेडेन के 21 साल पहले मिस वर्ल्ड चुने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने हेडेन से पहले 1994 में मिस वर्ल्ड रहीं ऐश्वर्या रॉय को भारतीय महिला का सही रूप बताया था और कहा था कि वे 1997 में डायना हेडेन को मिस वर्ल्ड बनाने के निर्णय को समझने में असफल रहे हैं।
डायना ने कहा, मैं समझ सकती हूं कि रंग में अंतर के कारण ही बिप्लब ने मेरी तुलना प्रियंका चोपड़ा और हाल ही में मिस वर्ल्ड बनीं मानुषी छिल्लर से नहीं कर ऐश्वर्या रॉय से की है। उन्हें शर्म करनी चाहिए, क्योंकि हमें अपनी खूबसूरत और आकर्षक सांवली त्वचा पर गर्व करना चाहिए। मुझे खुद पर गर्व है।
जिसके बाद अपने बयान पर बिप्लब देब ने खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मैं त्रिपुरा में जो हैंडलूम में काम करते हैं, उनकी मार्केटिंग पर बोल रहा था। मैं किसी को दुख नहीं पहुंचाना चाहता था।