प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनेक्सी पार्लियामेंट बिल्डिंग में गुरुवार को बिहार के एनडीए सांसदों के समूहों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) देश में स्थायित्व लाने वाली ताकत है। भाजपा सूत्रों ने बताया, पीएम ने सभी सांसदों से कहा कि वे लोकसभा चुनाव से पहले के पूरे समय का इस्तेमाल कर अपने संसदीय क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें और सरकार की योजनाओं के बारे में उन्हें जानकारी दें।
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने 2014 में पहली बार सत्ता में आने पर देशवासियों से जो भी वादे किए थे वो सभी पूरे किए हैं। मोदी ने बैठक में कहा कि एनडीए ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में अपनी स्थापना के बाद से लेकर अबतक अपने गठन के 25 साल पूरे कर लिए हैं और तब से स्थायित्व की ताकत है। उन्होंने याद दिलाया कि एनडीए के गठन से पहले देश में कैसा अस्थायित्व था और किस तरह एनडीए ने इससे छुटकारा दिलाया। इस दौरान बड़ी उपलब्धियों के लिए भाजपा ने भी बड़ी कुर्बानियां दीं।
साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में जातिवाद की राजनीति से ऊपर उठकर काम करना होगा। हम जातिवाद की राजनीति नहीं करते। हमें हर विषय पर बोलने से बचना चाहिए। पीएम ने कहा कि आप सभी सर्वसमाज के नेता बनें और जातिवाद की राजनीति को खत्म करने के लिए काम करें। पीएम मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कहा कि विधानसभा चुनाव में बिहार की जनता ने भाजपा को जदयू से ज्यादा सीटें दीं। फिर भी हमने नीतीश को ही मुख्यमंत्री बनाया। वे सीएम बनने के हकदार नहीं थे, फिर भी हमने उन्हें ही मौका दिया।
भाजपा ने छोटे सहयोगियों का पूरा समर्थन किया
पीएम ने यह भी याद दिलाया कि अतीत में भाजपा ने अपने छोटे सहयोगियों का पूरा समर्थन किया और उनकी ताकत कम होने के बाद भी उन्हें महत्वपूर्ण पद हासिल करने में मदद की। जदयू नेता नीतीश कुमार को कम नंबर होने के बाद भी मुख्यमंत्री बनाया। वही नीतीश कुमार अब विपक्षी गठबंधन का हिस्सा हैं।
शाह ने भी किया संबोधित
गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बिहार के एनडीए सांसदों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए सत्ताधारी समूह की रणनीति को अंतिम रूप देने से पहले एनडीए सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने यूपी के सेंट्रल और पूर्वी क्षेत्रों के 45 सांसदों से मुलाकात की। इसके बाद पश्चिमी यूपी और दक्षिण भारत के सांसदों से चर्चा की।
गरीबों से संवाद कर उनके कष्ट दूर करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों को जीत के लिए गरीबों से जुड़ने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का मंत्र दिया है। पीएम ने कहा कि यह सच है कि अनुच्छेद 370 और राम मंदिर का निर्माण भाजपा की वैचारिक प्रतिबद्धता का हिस्सा रहे हैं। राम मंदिर का निर्माण और अनुच्छेद 370 का हटना जरूरी था। हालांकि, यह मत भूलिये कि आपको बस महज इसी आधार पर वोट मिल जाएंगे। देश की सबसे बड़ी जाति गरीबी है। इनकी परेशानियां दूर करना और इनसे निरंतर संवाद करना सबसे जरूरी है। बीते नौ साल के कार्यकाल में गरीबी उन्मूलन सरकार का मुख्य एजेंडा रहा है। अभी भी इस क्षेत्र में बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। पीएम ने सांसदों से कहा कि गरीबों से संवाद बनाए रखें।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों के साथ अहम बैठक की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि सांसद अपने क्षेत्रों में अपने काम का प्रचार करें। अपने नए कामों के बारें में लोगों को जागरूक करें। कॉल सेंटर्स की स्थापना कर अपने कामों का प्रचार करें। गरीब जनता तक अपनी पहुंच को बढ़ाएं। गरीब ही सबसे बड़ी जाति है। उनके लिए काम करने पर ही वोट मिलेंगे। बाकी किसी मुद्दे के आधार पर जनता आपको वोट नहीं देगी।
31 जुलाई को हुई पहली बैठक
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 31 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के भाजपा व एनडीए सांसदों की बैठक की अध्यक्षता की थी। इस दौरान उन्होंने सभी सांसदों से जनता के बीच जाने और सरकार की कामों के बारे में बताने को कहा था। इस दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं के गठबंधन I.N.D.I.A. को लेकर कहा था कि विपक्ष ने सिर्फ चोला बदला है, चरित्र नहीं। चोला बदल लेने से चरित्र नहीं बदल जाता। यूपीए के चरित्र में कई दाग हैं, इसीलिए उन्हें अपना नाम बदलना पड़ा है।
10 अगस्त तक चलेंगी बैठकें
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई से भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों से मिल रहे हैं। 10 अगस्त तक चलने वाली इन बैठकों में 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके लिए भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक के लिए एनडीए सांसदों के 10 समूह बनाए हैं।