बैठक में शामिल हुए ओडिशा के सांसद व बीजू जनता दल के नेता पिनाकी मिश्रा ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन एक बार में नहीं खोला जाएगा। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की बैठक में कहा कि देश में अभी सामाजिक आपातकाल जैसी स्थिति है और ऐसे में मुश्किल फैसले लेने जरूरी हैं। हमें सतर्क रहना होगा। राज्यों, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ाने की सलाह दी है।
बैठक में शामिल हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने जानकारी दी कि 80 फीसदी से ज्यादा राजनीतिक दल लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह लोगों से जानकारी ले रहे हैं कि वे लॉकडाउन बढ़ाना चाहते हैं या नहीं। हालांकि आखिरी फैसला मुख्यमंत्रियों व अन्यों के साथ चर्चा करने के बाद लिया जाएगा।
पिनाकी मिश्रा के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सदन में विपक्षी पार्टी के नेताओं व अन्य पार्टियों से संसद में कहा कि 14 अप्रैल को देशभर में एक दम से लॉकडाउन नहीं खुलने जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर मंथन करने में जुटी है। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूदा स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाने की सलाह दे चुके हैं।
बीजू जनता दल के नेता ने पीटीआई से कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन नहीं हट रहा है और कोरोना वायरस से पहले और बाद का जीवन एक जैसा नहीं रहने वाला है।' बैठक में मौजूद एक और नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि प्रधानमंत्री ने उनसे कहा है कि वह सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सलाह लेंगे। बैठक में शामिल लोगों में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और एनसीपी के प्रमुख शरद पवार भी थे।
मोदी करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि मौजूदा स्थिति में लॉकडाउन हटाया जाए या नहीं, इस पर पीएम चर्चा कर सकते हैं।
सुरक्षा उपकरणों की कमी का मुद्दा उठा
प्रधानमंत्री के साथ बैठक में विपक्ष के कई नेताओं ने देशभर में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निजी सुरक्षा उपकरण (PPE) की कमी का मुद्दा उठाया जबकि कुछ ने सलाह दी कि संसद भवन की नई इमारत का निर्माण कार्य फिहलाल रोक देना चाहिए।
ये नेता भी हुए बैठक में शामिल
आजाद और शरद पवार के अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, बसपा के सतीश मिश्रा, लोजपा के चिराग पासवान, डीएमके के टीआर बालू, अकाली दल से सुखबीर सिंह बादल शामिल हुए। इसके अलावा बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा, शिव सेना के संजय राउत और जेडीयू के राजीव रंजन सिंह ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। शुरुआती हिचकिचाहट के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भी इसमें हिस्सा लिया। उसकी ओर से सुदीप बंदोपाध्याय शामिल हुए।