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राज्यों के सीएम के बीच बोले पीएम, 'देश के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलें'

Sat, 16 Jul 2016 01:11 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ani
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटर स्टेट काउंसिल की मुख्यमंत्रियों की 11वीं गोष्ठी को संबोधित किया। मीटिंग में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल देर से पहुंचे जबकि यूपी के सीएम अखिलेश यादव और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया नदारद रहे।
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पीएम मोदी ने राज्य सरकारों से कहा कि देश तभी विकास कर सकता है जब केंद्र सरकार और राज्य सरकार कंधे से कंधे मिलाकर काम करें। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हवाले से कहा कि भारत जैसे देश में बहस, विवेचना और चर्चा नीतियों को प्रभावित करती हैं।

पीएम मोदी ने सब्सिडी, कैरोसिन के बंटवारे और आधारकार्ड की अहमियत का जिक्र किया, साथ ही बच्चो की शिक्षा पर जोर दिया। 

पीएम ने कहा कि कैंपा कानून में बदलाव के जरिए बैंक में रखे हुए करीब 40 हजार करोड़ रुपए को भी राज्यों को देने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायतों और स्थानीय निकायों को 14वें वित्त आयोग की अवधि में 2 लाख 87 हजार करोड़ रुपए की रकम मिलेगी जो पिछली बार से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि पिछले वर्ष 2015-16 में राज्यों को केंद्र से जो रकम मिली है, वो वर्ष 2014-15 की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है।
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'सामाजिक सुधारों का मार्ग उतना ही कठिन है जितना कि स्वर्ग जाने का मार्ग'

- फोटो : ani
मोदी ने कहा कि 2006 के बाद ये बैठक नहीं हो पाई, लेकिन मुझे खुशी है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी ने इस प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि इंटर स्टेट काउंसिल एक ऐसा मंच है जिसका इस्तेमाल नीतियों को बनाने और उन्हें लागू करने में किया जा सकता है। 

पीएम मोदी ने कहा कि वाजपेयी जी ने कहा था “भारत जैसे लोकतंत्र में बहस, विवेचना, चर्चा से ही नीतियां बन सकती हैं जो जमीनी सच्चाई का ध्यान रखती हों"

सामाजिक सुधारों की बात करते हुए पीएम मोदी ने अबेडकर को याद किया। मोदी ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने एक बार कहा था कि भारत जैसे देश में सामाजिक सुधारों का मार्ग उतना ही कठिन है जितना कि स्वर्ग जाने का मार्ग। पीएम ने कहा कि सामाजिक सुधारों की राह में दोस्त कम आलोचक ज्यादा मिलते हैं। सामाजिक सुधारों की योजनाओं को लागू करना होगा। 
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'हमारे पास दुनिया को स्किल्ड मैन पावर देने की क्षमता'

- फोटो : ani
देश में शिक्षा के स्तर और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए मोदी ने दीन दयाल उपाध्याय की बात दोहराई। पीएम ने कहा कि भारत की ताकत हमारे नौजवान हैं। 30 करोड़ से अधिक बच्चे स्कूल जाने की उम्र में हैं। हमारे पास दुनिया को स्किल्ड मैन पावर देने की क्षमता है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने कहा था कि शिक्षा एक निवेश है। जैसे हम पेड़-पौधे लगाते हैं वैसे ही शिक्षा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी हो जिससे बच्चों में जिज्ञासा पैदा हो।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद कहते थे कि शिक्षा का मकसद है चरित्र का निर्माण, अपनी बौद्धिक शक्ति को बढ़ाना, ताकि खुद के पैरों पर खड़ा हुआ जा सके।

वहीं, आंतरिक सुरक्षा पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा तब तक मजबूत नहीं होगी, जब तक इंटेलीजेंस शेयरिंग पर फोकस न हो। 
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