प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में युवाओं से सहयोग की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके भ्रष्टाचार रोधी अभियान में कोई भी बख्शा नहीं जाएगा और तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के जेल में जाने का उल्लेख किया। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने आधार के इस्तेमाल को लेकर मजबूती से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आधार ने भ्रष्टाचार को रोककर और सरकारी पैसे को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाकर भारत के विकास में बड़ी भूमिका निभाई है।
'आधार से 60 हजार करोड़ रुपये की बचत'
डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने में भी मांगा युवाओं का सहयोग
उन्होंने कहा कि कुछ ही सरकारी सेवाओं से सरकार के 60 हजार करोड़ रुपये की बचत हो गई जो कि पहले गलत हाथों में चले जाते थे। हालांकि बता दें कि आधार की वैधता को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई, जिस पर संविधानिक पीठ सुनवाई कर रही है। प्रधानमंत्री ने एनसीसी कैडेट्स और अन्य युवाओं से डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने में सहायता मांगी और कहा कि इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। उन्होंने भीम एप से लेन-देन करने को कहा। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों को भी इस प्लेटफॉर्म पर लाएं क्योंकि यह पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में कदम है।
भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में तीन पूर्व मुख्यमंत्री गए जेल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोग ऐसा मानने लगे थे कि अमीर और शक्तिशाली लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में कभी पकड़े नहीं जाते और जोर देते हुए कहा कि लेकिन अब ऐसा नहीं है क्योंकि तीन पूर्व मुख्यमंत्री अब जेल में बंद हैं। भ्रष्टाचार के दीमक से छुटकारा पाने का सबसे अधिक फायदा गरीबों को होगा। बता दें कि बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा हाल ही में चारा घोटाले में दोषी साबित होने के बाद जेल गए हैं।
वहीं भ्रष्टाचार के ही एक मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला भी जेल में हैं। मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं ने भ्रष्टाचार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ लड़ाई नहीं रुकेगी। यह भारत के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है।