पीएम ने कहा कि नारी शक्ति हमेशा हमें प्रेरणा देती रही है। पुराणों में कहा गया है कि एक महिला 10 पुरुषों के बराबर होती है। मुंबई के माटुंगा रेलवे स्टेशन पर केवल महिला कर्मचारी हैं। महिलाएं देश का गौरव बढ़ा रही हैं। छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिलाओं ने ई रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बनकर दिखाया है। स्वरोजगार ने उन्हें सशक्त बनाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब सामान्य लोगों को भी पद्म दिए जा रहे हैं। पिछले तीन सालों में पद्म सम्मान चुनने की प्रक्रिया को बदल दिया गया। अब पद्म सम्मान के लिए व्यक्ति नहीं उसके काम की पहचान जरूरी।
पीएम ने कहा कि प्राचीन काल से हमारे देश में महिलाओं का सम्मान, उनका समाज में स्थान और उनका योगदान, पूरी दुनिया को अचंभित करता आया है। भारतीय विदुषियों की लम्बी परम्परा रही है। वेदों की ऋचाओं को गढ़ने में भारत की बहुत-सी विदुषियों का योगदान रहा है।
पीएम ने संस्कृत का सलोक सुनाते हुए बताया कि एक बेटी दो बेटों के बराबर है और दस बेटों से जितना पुण्य मिलेगा, एक बेटी से उतना ही पुण्य मिलेगा। महिलाओं की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि वूमेन अचिवर्स ने 'फर्स्ट लेडिज' पुस्तक भी तैयार की, ताकि पूरा देश इन नारी शक्तियों के बारे में जाने, उनके जीवन और उनके कार्यों से प्रेरणा ले सके।
केरल की आदिवासी महिला लक्ष्मीकुट्टी की कहानी सुनाते हुए पीएम ने कहा कि उन्होंने पांच सो हर्बल दवाई बनाई है। सांप काटने के बाद उपयोग में लाए जाने वाली दवाई बनाने में लक्ष्मीकुट्टी को महारत हासिल है।
महात्मा गांधी की पुण्य तिथि 30 जनवरी का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि इस दिन को हम शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं। पीएम ने कहा कि चाहे भारत हो या दुनिया, चाहे व्यक्ति हो परिवार हो या समाज-पूज्य बापू जिन आदर्शों को ले करके जिए, पूज्य बापू ने जो बातें हमें बताई, वे आज भी अत्यंत रिलेवैंट हैं।