उपभोक्ता एवं खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कई बार राज्य सरकारों से पीडीएस को कंप्यूटरीकृत करने में तेजी लाने और राशन सब्सिडी पर चर्चा की। लेकिन हल नहीं निकला और राज्यों की लापरवाही जारी रही।
इसके मद्देनजर पीएम ने खुद कमान संभालने का निर्णय लिया। सूत्रों के मुताबिक 23 मई को होने वाली बैठक में मुख्य सचिवों से पीडीएस को कंप्यूटरीकृत करने में आ रही दिक्कतों समेत अन्य सवालों का सामना करना होगा।
माना जा रहा है कि सरकार साल के अंत तक इस व्यवस्था को अंजाम देना चाहती है। जबकि गत माह अप्रैल तक देश में 312825 एफपीएस खुल चुकी हैं जो 2014 मई में 5835 थीं। इसके अलावा सौ फीसद राशनकार्डों का डिजिटलाइजेशन हो चुका है।
करीब 83 प्रतिशत आधार को राशन कार्डों से जोड़ा जा चुका है। खाद्यान्न के ऑनलाइन आवंटन का लाभ 30 राज्यों को मिलना शुरू हो गया है। जबकि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पीडीएस के लिए टोल फ्री नंबर, ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था और निपटारे की व्यवस्था हो गई है।
गौरतलब है कि देश में 12 हजार करोड़ से अधिक फर्जी राशन कार्ड पकड़े गए हैं। इससे सरकार को 17 हजार करोड़ रूपये की बचत हुई है। देश की 80 करोड़ आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पीडीएस के दायरे में आती है। इससे सरकारी खजाने पर करीब डेढ़ लाख करोड़ रूपये से ज्यादा खाद्य सब्सिडी का बोझ पड़ता है।